After Bengal Victory, BJP Shifts Focus to Punjab, Eyes AAP Rift for Political Gains
Bharatiya Janata Party ने पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद अब पंजाब पर अपना पूरा फोकस करना शुरू कर दिया है। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए पार्टी ने राज्य में संगठन मजबूत करने और नई रणनीति पर काम तेज कर दिया है।
पंजाब में विधानसभा चुनाव फरवरी-मार्च 2027 में होने की संभावना है, जहां Aam Aadmi Party, Indian National Congress और क्षेत्रीय दलों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है।
AAP की टूट पर बीजेपी की नजर
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि हाल ही में पंजाब से जुड़े छह राज्यसभा सांसदों के बीजेपी के करीब आने से आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। माना जा रहा है कि बीजेपी अब राज्य में AAP के संगठनात्मक ढांचे को कमजोर करने की रणनीति पर काम कर रही है।
सूत्रों के मुताबिक, पार्टी की नजर अब कुछ विधायकों और स्थानीय नेताओं पर भी है, जिससे आने वाले समय में पंजाब की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
ग्रामीण इलाकों पर खास फोकस
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कृषि कानूनों के विरोध के बाद पंजाब में बीजेपी को भारी नुकसान झेलना पड़ा था। किसानों के आंदोलन ने राज्य में पार्टी के खिलाफ मजबूत माहौल तैयार कर दिया था।
अब बीजेपी उस नैरेटिव को बदलने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में केंद्र सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों को प्रमुखता से सामने ला रही है। पार्टी नशे, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को भी चुनावी एजेंडा बनाने की तैयारी में है।
अकाली दल से फिर गठबंधन?
पंजाब की राजनीति में एक बड़ा सवाल यह भी है कि क्या छह साल बाद बीजेपी और Shiromani Akali Dal के बीच दोबारा गठबंधन हो सकता है। हालांकि अभी तक दोनों दलों की ओर से कोई आधिकारिक संकेत नहीं मिला है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इस संभावना पर लगातार चर्चा जारी है।
AAP सरकार पर हमलावर बीजेपी
बीजेपी लगातार Bhagwant Mann सरकार पर निशाना साध रही है। पार्टी का आरोप है कि महिलाओं और युवाओं से किए गए कई चुनावी वादे पूरे नहीं हुए और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ी है।
बीजेपी पंजाब में खुद को एक मजबूत विकल्प के रूप में पेश करने की कोशिश में जुट गई है। बंगाल में मिली सफलता के बाद पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि पंजाब में भी राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं।
