A major fraud has come to light within the Health Department in Shahjahanpur.
शाहजहांपुर: में स्वास्थ्य विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जहां दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने में भारी अनियमितता पकड़ी गई है। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की सख्ती के बाद इस पूरे मामले का खुलासा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, समाधान दिवस में मिली शिकायत के आधार पर जांच शुरू की गई थी। शिकायत में आरोप था कि थाना मिर्जापुर क्षेत्र के माझारा बढ़ऊं गांव में कई लोग फर्जी दिव्यांग प्रमाण पत्र के जरिए सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं।
जिलाधिकारी के निर्देश पर सीडीओ स्तर से कराई गई जांच में बड़ा खुलासा हुआ। जांच में पाया गया कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों और डाटा एंट्री ऑपरेटर की मिलीभगत से बिना किसी मेडिकल परीक्षण के ही प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए।
नियमों के मुताबिक, दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी करने से पहले व्यक्ति को दिव्यांग बोर्ड के सामने प्रस्तुत होकर परीक्षण कराना अनिवार्य होता है, लेकिन इस प्रक्रिया को पूरी तरह नजरअंदाज कर ऑनलाइन एंट्री कर फर्जी प्रमाण पत्र बना दिए गए।
मामले में दिव्यांग बोर्ड के डीईआईसी सहित कुल 12 स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ चौक कोतवाली में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मुकदमा दर्ज होने के बाद से सभी आरोपी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी की कार्रवाई तेज कर दी गई है।
इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
