उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए एक बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री रोजगार मिशन के तहत प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में पहली बार वृहद रोजगार मेले आयोजित किए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 500 युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
सेवायोजन विभाग के अनुसार, इन रोजगार मेलों के जरिए स्थानीय स्तर पर युवाओं को निजी कंपनियों से सीधे जुड़ने और अपनी योग्यता के अनुसार नौकरी पाने का अवसर मिलेगा।
रोजगार मेलों के आयोजन के लिए पहली बार विधानसभा स्तर पर अलग से बजट का प्रावधान किया गया है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए 5 लाख रुपये की राशि निर्धारित की गई है। विभाग का लक्ष्य 31 मार्च तक सभी विधानसभा क्षेत्रों में रोजगार मेलों का आयोजन पूरा करना है।
जानकारी के अनुसार, रोजगार मेले अगले महीने से शुरू होने की संभावना है। इनमें विभिन्न निजी कंपनियों को आमंत्रित किया जाएगा, जो अभ्यर्थियों की शैक्षिक योग्यता, तकनीकी दक्षता और अनुभव के आधार पर साक्षात्कार लेकर चयन करेंगी।
इन मेलों में 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के हाई स्कूल से स्नातक तक के युवा भाग ले सकेंगे। इसके लिए अभ्यर्थियों को सेवायोजन विभाग के रोजगार संगम पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
जिला स्तर पर भी लगेंगे रोजगार मेले
सरकार ने विधानसभा स्तर के साथ-साथ प्रदेश के सभी 75 जिलों में भी वृहद रोजगार मेले आयोजित करने की योजना बनाई है। इसके लिए प्रत्येक जिले को 10 लाख रुपये का बजट दिया जाएगा। इन मेलों में भी बड़ी संख्या में निजी कंपनियों को आमंत्रित किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार मिल सके।
दो लाख से अधिक युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य
सेवायोजन विभाग की निदेशक नेहा प्रकाश ने बताया कि मुख्यमंत्री रोजगार मिशन के तहत पहली बार विधानसभा और जिला स्तर पर रोजगार मेलों के आयोजन के लिए अलग बजट निर्धारित किया गया है। बजट जारी करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अगले महीने से रोजगार मेलों का आयोजन शुरू होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि इन रोजगार मेलों के माध्यम से दो लाख से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
स्थान: लखनऊ
