एटा (उत्तर प्रदेश): एटा जिले के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के बारथर गांव का एक मामला चर्चा का विषय बन गया है। गंभीर रूप से घायल महिला को उसके पति ने ड्रिप लगी हालत में गोद में उठाकर तहसील दिवस में अधिकारियों के सामने न्याय की गुहार लगाई। इस दौरान महिला के साथ उसका अधिवक्ता भी मौजूद था।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि महिला किरण देवी के साथ उसके दो देवरों ने बेरहमी से मारपीट की। आरोप है कि हमले में महिला के सिर पर गंभीर चोटें आईं और उसके कई दांत भी टूट गए। परिवार का कहना है कि शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की, जिसके चलते उन्हें अधिकारियों के पास पहुंचना पड़ा।
दूसरी ओर, कोतवाली देहात थाना प्रभारी के.के. लोधी ने पुलिस पर लगाए गए आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि 31 अगस्त को हुई घटना के दिन ही पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराकर मुकदमा दर्ज कर लिया गया था और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
आगरा में इलाज के बाद घायल महिला अपने पति और अधिवक्ता के साथ तहसील दिवस में पहुंची थी। अधिकारियों ने महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए अस्पताल भेजने की सलाह दी, हालांकि बाद में वह अपने घर लौट गई।
यह मामला अब कई सवाल खड़े कर रहा है कि यदि पुलिस का दावा है कि मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है, तो फिर गंभीर रूप से घायल महिला को इलाज के बीच अधिकारियों के सामने न्याय की गुहार लगाने की जरूरत क्यों पड़ी। फिलहाल मामले में पुलिस और प्रशासन अपने-अपने स्तर पर कार्रवाई की बात कह रहे हैं।
रिपोर्टर: कुनाल सिंह सोलंकी
स्थान: एटा, उत्तर प्रदेश
