US Lawmakers to Review Unredacted Epstein Files as Justice Department Takes Action
अमेरिका। के जस्टिस डिपार्टमेंट ने सोमवार को कांग्रेस के सदस्यों को जेफरी एपस्टीन से जुड़े बिना एडिट किए गए दस्तावेजों की समीक्षा की अनुमति दे दी। यह कदम तब उठाया गया जब कई सांसदों ने सार्वजनिक रूप से जारी रिकॉर्ड में नाम हटाए जाने पर चिंता जताई थी।
दरअसल, नवंबर में कांग्रेस ने भारी बहुमत से एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट (EFTA) पारित किया था। इस कानून के तहत जस्टिस डिपार्टमेंट को दोषी ठहराए गए सेक्स अपराधी जेफरी एपस्टीन से संबंधित सभी दस्तावेज जारी करने की बाध्यता दी गई।
पहले एडिट की गई थीं फाइलें
एफबीआई के अनुसार, एपस्टीन के पीड़ितों की संख्या एक हजार से अधिक हो सकती है। एजेंसी ने पहले जो दस्तावेज सार्वजनिक किए थे, उनमें कई लोगों के नाम और व्यक्तिगत जानकारियां हटा दी गई थीं। एफबीआई का तर्क था कि ऐसा सरकारी अधिकारियों, प्रसिद्ध हस्तियों और विदेशी गणमान्य व्यक्तियों को संभावित शर्मिंदगी, प्रतिष्ठा को नुकसान या राजनीतिक संवेदनशीलता से बचाने के लिए किया गया।
हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के सदस्यों ने उठाए सवाल
कैलिफोर्निया से डेमोक्रेट प्रतिनिधि रो खन्ना उन सांसदों में शामिल हैं जिन्होंने जस्टिस डिपार्टमेंट द्वारा जारी तीन मिलियन से अधिक दस्तावेजों में किए गए बदलावों पर सवाल उठाए हैं।
खन्ना ने अपने फेसबुक पेज पर कुछ उदाहरण साझा करते हुए कहा कि ईमेल भेजने वालों के नाम सार्वजनिक किए जाने चाहिए। उन्होंने बताया कि 17 जनवरी 2013 और 11 मार्च 2014 को एपस्टीन को भेजे गए ईमेल में प्रेषकों के नाम हटाए गए हैं, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
