बहराइच: जिले के कतरनियाघाट रेंज मुख्यालय को कैलाशपुरी बैरियर के माध्यम से वायरलेस संदेश प्राप्त हुआ कि कौड़ियाला नदी (गेरुआ नदी क्षेत्र) में तेज बहाव के कारण 5 जंगली हाथियों का एक झुंड (जिसमें 3 वयस्क हाथी और 2 नन्हें शावक शामिल थे) बहता हुआ गिरजापुरी बैराज की ओर आ रहा है।
नदी का जलस्तर और तेज बहाव इतना प्रचंड था कि शावक स्वयं को संभाल नहीं पा रहे थे। उन्हें बचाने के प्रयास में वयस्क हाथी भी नदी के तेज प्रवाह में फंस गए थे और लगातार संघर्ष कर रहे थे। जैसे ही नदी का जलस्तर स्थिर और बहाव धीमा हुआ, वयस्क हाथियों ने स्थिति पर नियंत्रण पा लिया और दोनों शावकों को सुरक्षित दिशा की ओर मार्गदर्शन किया।
इसके पश्चात, बैराज गेट के समीप पहुंचे हाथियों के झुंड को वन विभाग की टीम द्वारा सुव्यवस्थित तरीके से ‘हांका’ (शोर एवं आवाजें) करके सुरक्षित रूप से पास के सघन वन क्षेत्र की ओर मोड़ दिया गया।
वर्तमान में हाथियों का संपूर्ण कुनबा सुरक्षित रूप से जंगल में प्रवेश कर चुका है और वन कर्मियों द्वारा उनकी निरंतर निगरानी की जा रही है। वन विभाग के कर्मचारियों की त्वरित सूझबूझ, तत्परता तथा सिंचाई विभाग के समय पर मिले असाधारण सहयो के फलस्वरूप एक बड़ी अनहोनी टल सकी।
