बरेली के इज्जतनगर थाना क्षेत्र में रुपये के विवाद और कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का बदला लेने के लिए एक युवक के अपहरण का मामला सामने आया है। चार आरोपी युवक को जबरन कार में बैठाकर पीलीभीत ले गए और रास्ते में उसके साथ मारपीट की।
पुलिस की सक्रियता की भनक लगते ही आरोपी युवक को अमरिया नहर के पास छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने महज 24 घंटे में मामले का खुलासा करते हुए अपहृत युवक को सकुशल बरामद कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
मामला इज्जतनगर थाना क्षेत्र के बन्नूवान का है, जहां 50 वर्षीय डालचंद्र के अपहरण की सूचना सुबह करीब साढ़े आठ बजे पुलिस को मिली। प्रत्यक्षदर्शी गोवर्धन ने पुलिस को अपहरण में इस्तेमाल कार का नंबर बताया। इसके बाद पुलिस ने वाहन की तलाश शुरू की।
कार के स्वामित्व और खरीद-बिक्री से जुड़ी जानकारी जुटाने के बाद पुलिस को वाहन के वर्तमान उपयोगकर्ता जानकी प्रसाद के बारे में पता चला। सर्विलांस के जरिए उसकी लोकेशन पीलीभीत के अमरिया थाना क्षेत्र में मिली।
पुलिस टीम ने पीछा किया तो आरोपियों ने डालचंद्र को अमरिया नहर के पास छोड़ दिया और फरार हो गए। पुलिस ने उन्हें सकुशल बरामद कर मेडिकल कराया।
इसके बाद पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कलारी नहर के पास घेराबंदी कर लकी उर्फ भजनलाल, लक्ष्मण और जानकी प्रसाद को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल नीले रंग की कार भी बरामद हुई है।
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि डालचंद्र पर उनकी रिश्तेदार गेदा देवी के रुपये बकाया थे। रुपये मांगने को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि गेदा देवी के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने से भी आरोपी नाराज थे। इसी रंजिश में चारों आरोपी बरेली पहुंचे और डालचंद्र को जबरन कार में बैठाकर ले गए। रास्ते में उनके साथ मारपीट की गई।
मामले में फरार आरोपी राधे की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
