Daylight Gang War in Meerut, History-Sheeter Aslam Shot Dead
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में शुक्रवार को दिनदहाड़े हुई ताबड़तोड़ फायरिंग से इलाके में सनसनी फैल गई। नौचंदी थाना क्षेत्र में थाने से महज 100 मीटर की दूरी पर दो गुटों के बीच पुरानी रंजिश ने खूनी रूप ले लिया। गैंगवार में हिस्ट्रीशीटर असलम की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि उसका साथी शुएब गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना जैदी फार्म इलाके की है, जहां असलम अपने दोस्त शुएब के साथ स्कूटी लेने घर से निकला था। तभी पहले से घात लगाए बैठे पांच हमलावरों ने उसे गली में घेर लिया और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। असलम को चार गोलियां लगीं। जान बचाकर भागे शुएब को हमलावरों ने उसके घर में घुसकर गोली मार दी, जो उसके कंधे में लगी।
20 राउंड फायरिंग, दहशत में इलाका
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हमलावरों ने करीब 20 राउंड फायरिंग की और हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए। गोलियों की आवाज से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। हमलावर जाते-जाते यह कहते हुए धमकी भी दे गए कि उन्होंने अपने साथी की हत्या का बदला ले लिया है।
इलाज के दौरान मौत
घायल शुएब को लोकप्रिय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि गंभीर रूप से घायल असलम को दिल्ली रेफर किया गया। हालांकि, दिल्ली ले जाते समय रास्ते में ही असलम की मौत हो गई।
20 महीने पुरानी दुश्मनी का नतीजा
पुलिस के अनुसार इस वारदात की जड़ करीब 20 महीने पुरानी है। 4 जून 2024 को बिजली बंबा मार्ग स्थित एक स्विमिंग पूल पर वर्चस्व की लड़ाई में हिस्ट्रीशीटर मोहम्मद अरशद की हत्या कर दी गई थी। उस मामले में बिलाल और उसके साथियों को जेल भेजा गया था। बिलाल अब भी जेल में है, जबकि उसके पिता इमरान, भाई असलम और अन्य आरोपी जमानत पर बाहर थे। तभी से अरशद का परिवार बदला लेने की फिराक में था।
पहले दी गई थी बदले की धमकी
अरशद का भाई असद, जो खुद भी नौचंदी थाने का हिस्ट्रीशीटर है, ने पहले ही बदले की खुली चेतावनी दी थी। असलम के जेल से बाहर आने के बाद असद ने सोशल मीडिया पर भी “खून के बदले खून” की पोस्ट डाली थी। इसको लेकर बिलाल के परिजनों ने पुलिस को शिकायत भी दी थी, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं हो सकी।
11 के खिलाफ मुकदमा, कई हिरासत में
पुलिस ने मुख्य आरोपी असद समेत 11 लोगों के खिलाफ हत्या और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। सीओ अभिषेक तिवारी और एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने मौके पर पहुंचकर जांच की। असद को पहले जिला बदर किया जा चुका है, इसके बावजूद वारदात को अंजाम दिया जाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
फिलहाल पुलिस ने अरशद के परिवार से जुड़े पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
