नई दिल्ली। बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान के फ्यूल कंट्रोल स्विच लॉकिंग सिस्टम में किसी तरह की तकनीकी खराबी नहीं मिली है। केंद्र सरकार ने संसद में यह जानकारी देते हुए बताया कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के निर्देश पर बोइंग द्वारा की गई जांच में सिस्टम पूरी तरह सामान्य पाया गया।
सरकार ने बताया कि यह जांच उस घटना के बाद कराई गई थी, जब फरवरी 2026 में लंदन से बेंगलुरु पहुंची एयर इंडिया की एक बोइंग 787 ड्रीमलाइनर उड़ान के क्रू मेंबर ने लैंडिंग के बाद फ्यूल कंट्रोल स्विच में संभावित खराबी की सूचना दी थी। इसके बाद डीजीसीए ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच के निर्देश दिए थे।
एयर इंडिया ने एहतियातन संबंधित विमान को जांच पूरी होने तक उड़ान भरने से रोक दिया था और इसकी जानकारी डीजीसीए तथा विमान निर्माता कंपनी बोइंग को दी थी। बाद में डीजीसीए के निर्देश पर एयर इंडिया ने अपने बेड़े में शामिल सभी बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमानों के फ्यूल कंट्रोल स्विच की जांच कराई, लेकिन किसी भी विमान में कोई तकनीकी खामी नहीं मिली।
गौरतलब है कि अहमदाबाद में जून 2025 में हुए एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 हादसे के बाद इस सिस्टम पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उस दुर्घटना में टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हादसे के पीछे क्या कारण थे। हालांकि, उस दुर्घटना की जांच अभी पूरी नहीं हुई है और अंतिम रिपोर्ट आना बाकी है।
वर्तमान में एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) अहमदाबाद विमान हादसे की जांच कर रहा है। वहीं डीजीसीए लगातार विमान सुरक्षा मानकों की निगरानी कर रहा है और बोइंग 787 विमानों की तकनीकी जांच पर विशेष नजर बनाए हुए है।
सरकार ने संसद में स्पष्ट किया कि अब तक हुई जांच में फ्यूल कंट्रोल स्विच लॉकिंग सिस्टम में किसी प्रकार की खराबी का प्रमाण नहीं मिला है, हालांकि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए निगरानी और तकनीकी परीक्षण की प्रक्रिया जारी रहेगी।
