गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल से सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सोमवार दोपहर डिस्चार्ज कर दिया गया। करीब एक सप्ताह तक विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में इलाज के बाद उनके स्वास्थ्य में लगातार सुधार देखा गया, जिसके बाद चिकित्सकों ने उन्हें अस्पताल से छुट्टी देने का फैसला लिया।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, सभी आवश्यक चिकित्सकीय जांच में संतोषजनक परिणाम मिलने के बाद वांगचुक को घर भेजा गया। डॉक्टरों ने उन्हें फिलहाल पर्याप्त आराम करने, नियमित स्वास्थ्य जांच कराते रहने और चिकित्सकीय सलाह का पालन करने की हिदायत दी है, ताकि वे पूरी तरह स्वस्थ हो सकें।
अस्पताल से बाहर आने के बाद सोनम वांगचुक ने डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों और देशभर से उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करने वाले लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनका संघर्ष किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग से जुड़ा आंदोलन है।
उल्लेखनीय है कि पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार सहित विभिन्न मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। इसके बाद उन्हें पहले चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया और बाद में हाईकोर्ट के निर्देशों के बीच गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य पर नजर रखे हुए थी। अब स्वास्थ्य में सुधार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
