Adopt Natural Farming For Prosperous Farmers And A Healthy India: MP Gyaneshwar Patil
बुरहानपुर। जिले में आयोजित प्राकृतिक खेती कार्यशाला में खंडवा सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती न केवल किसानों की आय बढ़ाने का माध्यम है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता को संरक्षित कर स्वस्थ भारत के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
परमानंद गोविंद जीवाला ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से भूमि की गुणवत्ता, जल स्रोतों तथा मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में प्राकृतिक खेती समय की आवश्यकता बन गई है।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से उत्पादन लागत कम होती है और किसान आत्मनिर्भर बनते हैं। साथ ही मिट्टी की जैविक क्षमता बढ़ने से दीर्घकालीन कृषि विकास को भी मजबूती मिलती है।
सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि केंद्र सरकार कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, सूक्ष्म सिंचाई योजना और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं को किसानों के लिए लाभकारी बताते हुए उनका अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
कार्यशाला में मौजूद कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को प्राकृतिक खेती की विभिन्न तकनीकों, जैविक खाद के उपयोग, फसल प्रबंधन और कम लागत में बेहतर उत्पादन के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। किसानों को खेती में रासायनिक निर्भरता कम करने और पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए भी प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, कृषि विभाग के अधिकारी तथा जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। किसानों ने भी प्राकृतिक खेती से जुड़े अपने अनुभव साझा किए और विशेषज्ञों से विभिन्न विषयों पर जानकारी प्राप्त की।
सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने विश्वास जताया कि यदि किसान प्राकृतिक खेती को अपनाते हैं तो आने वाले समय में कृषि क्षेत्र और अधिक सशक्त होगा तथा किसानों की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
