Illegal Pickle Factory Busted in Buffalo Shed, 3.4 Tonnes of Suspected Adulterated Stock Seized in Ghaziabad
गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी के दौरान एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। खोड़ा क्षेत्र के आदर्श नगर में भैंसों के तबेले में अवैध रूप से संचालित अचार फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया, जहां बेहद अस्वच्छ परिस्थितियों में अचार तैयार किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने करीब 3400 किलोग्राम संदिग्ध अचार बरामद किया, जिसे बाद में नष्ट करा दिया गया।
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि फैक्ट्री परिसर में भारी गंदगी फैली हुई थी और खाद्य उत्पादन से जुड़े न्यूनतम स्वच्छता मानकों का भी पालन नहीं किया जा रहा था। अचार बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल और तैयार उत्पाद खुले में रखे गए थे, जिससे उनके दूषित होने का खतरा बढ़ गया था।
अधिकारियों के अनुसार, जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन पाए गए। इसके बाद मौके पर ही लगभग 34 क्विंटल अचार नष्ट कराया गया। साथ ही 180 किलोग्राम अचार और करीब 9 क्विंटल नमक को सीज कर दिया गया है। जब तक प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट नहीं आ जाती, इन उत्पादों को सुरक्षित रखा जाएगा।
छापेमारी के दौरान विभाग ने क्षेत्र की एक अन्य अचार निर्माण इकाई पर भी कार्रवाई की। दोनों इकाइयों से कुल छह नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि उत्पादों में मिलावट, हानिकारक रसायनों का इस्तेमाल या अन्य खाद्य मानकों का उल्लंघन हुआ है या नहीं।
जांच में यह भी सामने आया कि फैक्ट्री के पास खाद्य उत्पादन से संबंधित आवश्यक अनुमति और लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं को लेकर कई गंभीर सवाल हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि लैब रिपोर्ट में मिलावट या गुणवत्ता संबंधी खामियां साबित होती हैं तो संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि यह अचार फैक्ट्री दिल्ली पुलिस के सेवानिवृत्त दरोगा जसबीर सिंह के तबेले में संचालित की जा रही थी। विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि यह कारोबार कब से चल रहा था और बाजार में इसकी सप्लाई कितने बड़े स्तर पर की जा रही थी।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने कहा है कि लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले ऐसे अवैध कारोबारियों के खिलाफ आगे भी लगातार अभियान जारी रहेगा, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराए जा सकें।
