Prescription Mandatory for Cough Syrups as Government Tightens Drug Sale Regulations
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने दवाओं की बिक्री और उपयोग को लेकर एक अहम फैसला लेते हुए कफ सीरप समेत सभी सिरप आधारित दवाओं की खरीद पर नई शर्त लागू कर दी है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अब ऐसी दवाएं बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं खरीदी जा सकेंगी।
यह बदलाव ‘ड्रग्स रूल्स, 1945’ में किए गए ‘ड्रग्स (पांचवां संशोधन) रूल्स, 2026’ के तहत लागू किया गया है। इस संशोधन को 9 जून 2026 को आधिकारिक गजट में अधिसूचित किया गया था। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य दवाओं के अनियंत्रित उपयोग को रोकना और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
नए नियम के तहत अनुसूची K (Schedule K) में शामिल दवाओं की सूची से “सिरप” शब्द को हटा दिया गया है। पहले कुछ शर्तों के तहत सिरप श्रेणी की दवाओं को विशेष छूट प्राप्त थी, लेकिन अब उन्हें भी सामान्य नियामकीय प्रावधानों का पालन करना होगा। इसका सीधा असर कफ सीरप और अन्य सिरप आधारित दवाओं की बिक्री पर पड़ेगा।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इस संशोधन से पहले 29 दिसंबर 2025 को एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी कर आम जनता, विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों से सुझाव और आपत्तियां मांगी गई थीं। प्राप्त प्रतिक्रियाओं पर विचार करने के बाद ही अंतिम अधिसूचना जारी की गई।
मंत्रालय के अनुसार यह फैसला ‘ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड’ से परामर्श के बाद लिया गया है। सरकार का मानना है कि डॉक्टर की सलाह के बिना दवाओं के सेवन से होने वाले जोखिमों को कम करने और दवा वितरण प्रणाली को अधिक जिम्मेदार बनाने में यह कदम मददगार साबित होगा।
अब दवा दुकानदारों को सिरप आधारित दवाएं बेचने से पहले ग्राहकों से वैध चिकित्सकीय पर्ची मांगनी होगी। नए नियम लागू होने के बाद बिना प्रिस्क्रिप्शन ऐसी दवाओं की बिक्री नियमों का उल्लंघन मानी जाएगी।
