Nepanagar Postmortem Room In Poor Condition, Families And Police Forced To Guard Bodies
बुरहानपुर। स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर किए जा रहे दावों के बीच बुरहानपुर जिले के नेपानगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का पोस्टमार्टम कक्ष बदहाल स्थिति में होने से गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पोस्टमार्टम रूम की हालत ऐसी है कि वहां न तो दरवाजे मौजूद हैं और न ही खिड़कियों की समुचित व्यवस्था है, जिससे शवों की सुरक्षा तक प्रभावित हो रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार पोस्टमार्टम कक्ष पिछले दो से तीन वर्षों से जर्जर अवस्था में है। कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद अब तक इसकी मरम्मत या सुधार के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। परिणामस्वरूप यहां पोस्टमार्टम के लिए लाए जाने वाले शवों की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी रहती है।
बताया जाता है कि जब किसी शव को पोस्टमार्टम के लिए लाया जाता है, तो पुलिसकर्मियों अथवा मृतक के परिजनों को उसकी निगरानी के लिए मौके पर रुकना पड़ता है। आशंका बनी रहती है कि यदि शव को अकेला छोड़ दिया गया तो आवारा पशु या जंगली जानवर नुकसान पहुंचा सकते हैं।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह स्थिति न केवल स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है, बल्कि मृतकों के सम्मान और संवेदनशील व्यवस्थाओं की अनदेखी को भी दर्शाती है। लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द पोस्टमार्टम कक्ष की मरम्मत कर सुरक्षित और व्यवस्थित सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
इस संबंध में नेपानगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. हिमांशु चौधरी ने बताया कि पोस्टमार्टम रूम की खराब स्थिति की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी गई है। उन्होंने कहा कि मामला अधिकारियों के संज्ञान में है और जल्द ही आवश्यक सुधार कार्य कराए जाने का आश्वासन मिला है।
फिलहाल क्षेत्र के नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। लोगों का कहना है कि पोस्टमार्टम जैसी महत्वपूर्ण और संवेदनशील व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा या सुरक्षा संबंधी समस्या उत्पन्न न हो।
