Fake Robbery Story Uncovered: Two Women Arrested For ₹20 Lakh Theft In Amroha
अमरोहा। अमरोहा देहात थाना पुलिस ने एक कथित लूट की घटना का सनसनीखेज खुलासा करते हुए चोरी के मामले का सफल अनावरण किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि लूट की कहानी पूरी तरह से झूठी थी और घटना को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम देकर चोरी को लूट का रूप देने की कोशिश की गई थी। पुलिस ने इस मामले में दो महिलाओं को गिरफ्तार कर करीब 20 लाख रुपये मूल्य के आभूषण और नकदी बरामद की है।
पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराधियों के खिलाफ अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक अखिलेश भदौरिया, क्षेत्राधिकारी नौगावां सादात अवधभान सिंह भदौरिया तथा प्रभारी निरीक्षक शौकेन्द्र बालियान के नेतृत्व में की गई।
मामला तब सामने आया जब 11 जून 2026 को कविता नामक महिला ने थाना अमरोहा देहात में शिकायत दर्ज कराई कि उसके घर से सोने-चांदी के आभूषण और लगभग एक लाख रुपये नकद चोरी हो गए हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को कई तथ्य संदिग्ध लगे। गहन पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर मामला पूरी तरह पलट गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला दुर्गा, जो शिकायतकर्ता के घर में किरायेदार के रूप में रहती थी, ने आर्थिक तंगी के चलते अपने पति के साथ मिलकर चोरी की साजिश रची थी।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे मकान मालकिन की अलमारी और चाबी रखने की जगह की पूरी जानकारी थी। जब मकान मालकिन गांव गई हुई थीं, तब उसने अपने पति के साथ मिलकर कमरे और अलमारी से सोने-चांदी के आभूषण तथा 91 हजार रुपये नकद चोरी कर लिए।
चोरी के बाद घटना को लूट का रूप देने के लिए आरोपी महिला ने घर का सामान बिखेर दिया और परिजनों को झूठी कहानी सुनाई कि एक अज्ञात व्यक्ति ने उसे और उसके बेटे को चाकू दिखाकर लूटपाट की है। इसके बाद पुलिस और अन्य लोगों को भी इसी कहानी से गुमराह करने का प्रयास किया गया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि चोरी का पूरा सामान आरोपी महिला ने अपनी परिचित कांता देवी के पास छिपा दिया था। पुलिस ने दोनों महिलाओं को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी गए सोने-चांदी के आभूषण और नकदी बरामद कर ली।
बरामद सामान की अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं की बढ़ोतरी करते हुए आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सूक्ष्म जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस मामले का खुलासा किया गया है। घटना का सफल अनावरण होने से एक बार फिर यह साबित हुआ है कि झूठी कहानी बनाकर कानून को गुमराह करना आसान नहीं है।
