Hospital License Suspended After Mother And Newborn Death, Probe Reveals Lapses
इलाज में कथित लापरवाही पर बड़ा एक्शन, मंजूषा हॉस्पिटल का लाइसेंस निलंबित
जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में एक गर्भवती महिला और उसके नवजात शिशु की मौत के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए मंजूषा हॉस्पिटल का लाइसेंस 15 दिनों के लिए निलंबित कर दिया है। जांच में अस्पताल में कई अनियमितताएं और व्यवस्थागत कमियां सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया।
जानकारी के अनुसार, एक शिकायत में आरोप लगाया गया था कि गर्भवती महिला के इलाज के दौरान गंभीर लापरवाही बरती गई। महिला की तबीयत बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान महिला और उसके बच्चे की मौत हो गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने विशेषज्ञों की एक जांच समिति गठित की। समिति में स्त्री रोग विशेषज्ञ, वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी और नर्सिंग होम से जुड़े अधिकारी शामिल थे। जांच टीम ने अस्पताल का निरीक्षण कर उपचार व्यवस्था, रिकॉर्ड संधारण और बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा की।
जांच के दौरान अस्पताल में कई कमियां और अनियमितताएं सामने आने की बात कही गई। रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसका लाइसेंस 15 दिनों के लिए निलंबित कर दिया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने अस्पताल प्रबंधन को स्टाफ व्यवस्था, आधारभूत सुविधाओं और दस्तावेजी रिकॉर्ड से जुड़ी कमियों को निर्धारित समय में दूर करने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों के अनुसार, जच्चा और बच्चा की मौत के वास्तविक कारणों की विस्तृत जानकारी के लिए मेडिकल कॉलेज से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में आगे की कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल यह मामला स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और निजी अस्पतालों की जवाबदेही को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मरीजों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
