Ajit Pawar Death News
नई दिल्ली: 28 जनवरी को पुणे की बारामती एयर स्ट्रिप पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान की लैंडिंग के दौरान हुए हादसे को लेकर पायलटों के संगठन ने सवाल उठाए हैं। DGCA के अनुसार उस समय विजिबिलिटी 3 हजार मीटर थी, लेकिन फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट (FIP) का कहना है कि इतनी कम दृश्यता में इस अनकंट्रोल्ड एयर स्ट्रिप पर विमान की लैंडिंग संभव नहीं थी। संगठन के मुताबिक यहां कम से कम 5 हजार मीटर विजिबिलिटी की जरूरत होती है।
पायलट संघ ने आशंका जताई है कि कम विजिबिलिटी और सामने से पड़ रही सूर्य की तेज़ रोशनी के कारण पायलट समय पर रनवे नहीं देख पाया, जिससे विमान हादसे का शिकार हो गया।
कब जोखिम भरी हो जाती है रनवे पर लैंडिंग?
फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट के अध्यक्ष कैप्टन सीएस रंधावा ने बताया कि अनकंट्रोल्ड या बिना लाइसेंस वाली एयर स्ट्रिप पर इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) जैसे जरूरी सुरक्षा मानक मौजूद नहीं होते। ऐसे रनवे पर कमर्शियल विमान की लैंडिंग जोखिम भरी हो सकती है। अजित पवार के विमान हादसे में भी कम दृश्यता और सूर्य की चमक के कारण पायलट को रनवे स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दिया होगा।
DGCA और ATC की भूमिका पर उठे सवाल
एक अन्य एविएशन एक्सपर्ट ने कहा कि जब रनवे पर न्यूनतम सुरक्षा सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं थीं, तो वहां बिना पूरी दृश्यता के किसी पैसेंजर या वीआईपी विमान को उतारने की जरूरत ही नहीं थी। उन्होंने कहा कि DGCA और AAI द्वारा इस रनवे से पैसेंजर विमान संचालन की अनुमति दी गई थी, ऐसे में सुरक्षा मानकों को लेकर जिम्मेदार एजेंसियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए।
हादसे में कितनों की मौत?
इस हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत कुल 5 लोगों की मौत हो गई। विमान बारामती में लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुआ। अजित पवार के निधन से पूरे राज्य में शोक की लहर है। हादसे के समय आसपास मौजूद लोगों ने घटना को अपनी आंखों से देखा।
