Iran-US Tensions Rise: Tehran Warns Against “Unreasonable Demands”, Talks Stall Over Nuclear Issue
मध्य पूर्व में Iran और United States के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। ईरान ने साफ शब्दों में कहा है कि अमेरिका अब अन्य देशों पर अपनी शर्तें नहीं थोप सकता और किसी भी समझौते के लिए उसे अपनी “अतार्किक मांगें” छोड़नी होंगी।
ईरान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रेजा तलाई-निक ने बयान देते हुए कहा कि वॉशिंगटन को यह स्वीकार करना होगा कि वह स्वतंत्र देशों पर अपनी नीतियां लागू नहीं कर सकता। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ईरान समझौते के लिए तैयार है, लेकिन उसकी शर्तों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
यह बयान ऐसे समय आया है, जब ईरान ने अमेरिका के सामने प्रस्ताव रखा है कि अगर नाकाबंदी हटाई जाए और युद्ध समाप्त किया जाए, तो वह Strait of Hormuz पर अपना नियंत्रण कम कर सकता है।
हालांकि, अमेरिका ने इस प्रस्ताव पर नाराजगी जताई है। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने स्पष्ट किया कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम ही सबसे बड़ा मुद्दा है और किसी भी समझौते का केंद्र यही होना चाहिए।
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया कि ईरान ने संकेत दिए हैं कि वह दबाव में है और होर्मुज जलडमरूमध्य को जल्द खोलने की इच्छा रखता है।
गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच 8 अप्रैल से संघर्षविराम तो लागू है, लेकिन तनाव अभी भी बना हुआ है। ईरान ने यह भी कहा है कि वह Shanghai Cooperation Organisation (SCO) के सदस्य देशों के साथ अपनी रक्षा क्षमताएं साझा करने को तैयार है।
विशेषज्ञों का मानना है कि परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय रणनीति को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद गहराए हुए हैं, जिससे किसी ठोस समझौते की राह फिलहाल मुश्किल नजर आ रही है।
