Iran Warns ‘No Port Will Be Safe’ Amid US Blockade Tensions
तेहरान: Tehran ईरान ने अमेरिका की संभावित समुद्री नाकाबंदी के फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए चेतावनी दी है कि यदि उसके बंदरगाहों को निशाना बनाया गया, तो फारस की खाड़ी और ओमान सागर में कोई भी बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेगा। इस बयान के बाद पूरे मध्य पूर्व में तनाव और चिंता बढ़ गई है।
दरअसल, अमेरिका ने हाल ही में ऐलान किया है कि वह ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए उसके बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही पर रोक लगाएगा। इस कदम का उद्देश्य ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और वार्ता की शर्तें मानने के लिए मजबूर करना बताया जा रहा है।
अमेरिकी नौसेना, खासकर बहरीन स्थित पांचवें बेड़े, ने इस कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। फारस की खाड़ी, अरब सागर और आसपास के इलाकों में सैन्य तैनाती बढ़ाई जा रही है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरान अमेरिकी बलों को ईरान की पनडुब्बियों और समुद्री बारूदी सुरंगों से कड़ा प्रतिरोध मिल सकता है।
वहीं, ईरान की सेना और Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने साफ कहा है कि क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा या तो सभी देशों के लिए होगी या किसी के लिए नहीं। यदि अमेरिका नाकाबंदी करता है, तो इसका असर पूरे क्षेत्र पर पड़ेगा और कोई भी बंदरगाह सुरक्षित नहीं बचेगा।
इस बीच, United States Central Command (CENTCOM) ने जानकारी दी है कि यह नाकाबंदी निर्धारित समय से लागू की जाएगी, जिसके तहत ईरानी बंदरगाहों से जुड़े जहाजों की आवाजाही को नियंत्रित किया जाएगा। हालांकि, गैर-ईरानी बंदरगाहों के बीच यात्रा करने वाले जहाजों को फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति रहेगी।
इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि पहले ही ईरान और अमेरिका के बीच हालिया टकराव के चलते समुद्री गतिविधियां सामान्य स्तर से काफी कम बनी हुई हैं।
