इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही अहम वार्ता आखिरकार बेनतीजा खत्म हो गई। करीब 15 घंटे तक चली लंबी बैठक के बाद भी दोनों देशों के बीच कोई समझौता नहीं हो सका। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने साफ कहा कि ईरान ने अमेरिकी शर्तों को मानने से इनकार कर दिया, जिसके बाद वे पाकिस्तान से वापस लौट गए।
वेंस के मुताबिक, अमेरिका ने अपनी शर्तें पहले ही स्पष्ट कर दी थीं—किन मुद्दों पर समझौता हो सकता है और किन पर नहीं। लेकिन ईरान ने इन शर्तों को स्वीकार नहीं किया, जिससे बातचीत टूट गई।
किन मुद्दों पर बिगड़ी बात
अमेरिका और ईरान के बीच मुख्य रूप से तीन बड़े मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई:
- ईरान का यूरेनियम संवर्धन और परमाणु कार्यक्रम
- होरमुज़ जलडमरूमध्य में पहले की तरह जहाजों की आवाजाही
- लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ इजरायल की सैन्य कार्रवाई
ईरान का आरोप – अमेरिका ने बढ़ाईं मांगें
ईरान की सरकारी एजेंसी के अनुसार, बातचीत लगभग उस स्तर तक पहुंच गई थी जहां दोनों देश एक साझा समझौते के ड्राफ्ट की ओर बढ़ रहे थे। लेकिन इसी दौरान अमेरिकी टीम ने नई और अतिरिक्त मांगें रख दीं, जिससे पूरी प्रक्रिया बाधित हो गई।
वेंस का बयान
JD Vance ने कहा कि अमेरिका सिर्फ एक मजबूत गारंटी चाहता है कि ईरान कभी परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश नहीं करेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान ऐसे साधन भी विकसित न करे, जिससे वह जल्दी परमाणु हथियार बना सके।
निष्कर्ष
इस्लामाबाद में हुई यह वार्ता फिलहाल किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। दोनों देशों के बीच मतभेद गहरे बने हुए हैं और आने वाले समय में हालात और तनावपूर्ण हो सकते हैं। अब देखना होगा कि आगे बातचीत का कोई नया दौर शुरू होता है या नहीं।
