आगरा में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा द्वारा ब्रज क्षेत्र कार्यकारिणी बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। बैठक में मुख्य रूप से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से जुड़े हालिया प्रावधानों पर गहन चर्चा हुई और उन्हें छात्र विरोधी करार दिया गया।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि यूजीसी के मौजूदा नियमों से छात्रों का भविष्य प्रभावित हो सकता है। बिना समुचित जांच के केवल शिकायत के आधार पर किसी छात्र के खिलाफ कार्रवाई करना पूरी तरह गलत है। महासभा ने कहा कि झूठी शिकायत करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए, ताकि छात्रों के साथ अन्याय न हो।
पदाधिकारियों ने सरकार से इस गंभीर विषय पर दोबारा विचार करने और सभी पक्षों से विचार-विमर्श करने का आग्रह किया। यदि सरकार छात्रों के हितों की अनदेखी करती है और संवाद नहीं करती, तो महासभा इसका पुरजोर विरोध करेगी।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आगामी दिनों में महासभा के सभी जिलाध्यक्ष राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपेंगे, ताकि छात्र हितों से जुड़े इस मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया जा सके। महासभा ने कहा कि छात्रों का भविष्य किसी भी हाल में बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन हर स्तर पर संघर्ष करता रहेगा।
