Cuba Faces Severe Blackout Crisis Amid US Sanctions, Protests Erupt
नई दिल्ली/हवाना: क्यूबा इस समय गंभीर ऊर्जा और आर्थिक संकट से जूझ रहा है। अमेरिकी प्रतिबंधों और तेल आपूर्ति रुकने के कारण देश में बिजली, पानी और जरूरी सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जिससे आम जनजीवन कठिन हो गया है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, बीते कुछ महीनों में तेल की सप्लाई लगभग ठप हो गई, जिससे पहले से चल रही ऊर्जा समस्या और गहरी हो गई है। हालात इतने खराब हैं कि देश के कई हिस्सों में लंबे समय तक अंधेरा छाया हुआ है और जरूरी सुविधाएं ठप पड़ती जा रही हैं।
राजधानी हवाना में कचरा सड़कों पर जमा हो रहा है, अस्पतालों में इलाज सीमित हो गया है और लोग पानी गर्म करने के लिए लकड़ी का सहारा ले रहे हैं। Miguel Díaz-Canel ने कहा है कि सरकार संकट से निपटने के प्रयास कर रही है, लेकिन स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
क्यूबा पर अमेरिका के आर्थिक प्रतिबंध दशकों से लागू हैं, जिससे देश की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ा है। हाल ही में अमेरिका ने क्यूबा के प्रमुख तेल सप्लायर वेनेजुएला से आने वाली आपूर्ति भी प्रभावित की, जिससे संकट और बढ़ गया।
तेल की कमी का सीधा असर बिजली उत्पादन पर पड़ा है, जिसके चलते बार-बार बिजली कटौती और देशव्यापी ब्लैकआउट की स्थिति बन रही है। पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है, क्योंकि यह बिजली पर निर्भर है। अस्पताल, स्कूल और परिवहन सेवाएं भी इस संकट की चपेट में आ गई हैं।
स्थिति बिगड़ने के बाद क्यूबा में विरोध प्रदर्शन भी तेज हो गए हैं। लोगों ने सड़कों पर उतरकर बर्तन बजाकर और आग जलाकर विरोध जताया, जबकि छात्रों ने भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।
संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि यदि हालात में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो क्यूबा गंभीर मानवीय संकट का सामना कर सकता है। वहीं, क्यूबा सरकार ने अमेरिका से बातचीत जारी होने की बात कही है, लेकिन तत्काल राहत की उम्मीद कम नजर आ रही है।
