U.S.-Israel Launch Joint Strike on Iran; Multiple Blasts in Tehran, Khamenei’s Residence Targeted
तेल अवीव/तेहरान: इजरायल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की घोषणा की है। इजरायली सेना ने संभावित पलटवार की आशंका के चलते नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। ईरान की राजधानी तेहरान में कम से कम तीन स्थानों पर भीषण विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं।
इजरायली सेना के मुताबिक ये अलर्ट देश की ओर मिसाइल दागे जाने की आशंका को देखते हुए जारी किए गए हैं। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई अमेरिका और इजरायल के संयुक्त अभियान का हिस्सा है। हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के निजी आवास को भी निशाना बनाया गया। हालांकि, समाचार एजेंसी Reuters के अनुसार हमले के समय खामेनेई वहां मौजूद नहीं थे।
हमले के बाद ईरान ने अपना एयरस्पेस अगली सूचना तक बंद कर दिया है। सिविल एविएशन संगठन के प्रवक्ता ने नए NOTAM जारी होने के बाद पूरे देश में उड़ानों के निलंबन की पुष्टि की है।
इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने दावा किया कि ईरान में एक साथ 30 ठिकानों पर हमले किए गए हैं। इन लक्ष्यों में सुप्रीम लीडर का आवास और ईरानी इंटेलिजेंस मुख्यालय भी शामिल हैं। शुरुआती धमाके सुबह करीब 9:30 बजे तेहरान के तीन इलाकों में दर्ज किए गए, जबकि 10 बजे के बाद दूसरी लहर में अन्य क्षेत्रों को निशाना बनाया गया।
ईरान की सेमी-ऑफिशियल Fars News Agency के अनुसार तेहरान के उत्तर और पूर्वी हिस्सों के अलावा इस्फहान, करज और करमानशाह में भी विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक हमलों में ईरान का मोबाइल नेटवर्क भी प्रभावित हुआ है। Al Jazeera ने दावा किया कि कई क्षेत्रों में संचार सेवाएं बाधित हो गई हैं। एक इजरायली सुरक्षा अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि इस अभियान की योजना महीनों पहले तैयार की गई थी। सूत्रों के अनुसार ‘शील्ड ऑफ जूडा’ नामक इस ऑपरेशन का उद्देश्य इजरायल के लिए संभावित खतरों, खासकर मिसाइल लॉन्चर और ड्रोन बेस को निशाना बनाना है।
अमेरिका पहले से ही मध्य पूर्व में अपने एयरक्राफ्ट कैरियर और युद्धपोत तैनात कर चुका था। कई दौर की कूटनीतिक कोशिशों के बावजूद समाधान नहीं निकलने की बात कही गई है। ताजा जानकारी के अनुसार खामेनेई को किसी अज्ञात स्थान पर सुरक्षित पहुंचाया गया है।
इजरायल में एहतियात के तौर पर स्कूल बंद कर दिए गए हैं, सार्वजनिक जमावड़े पर रोक लगा दी गई है और आवश्यक सेवाओं को छोड़कर अन्य गतिविधियां सीमित कर दी गई हैं। वहीं कतर स्थित अमेरिकी दूतावास ने भी अपने कर्मचारियों को ‘शेल्टर-इन-प्लेस’ निर्देश जारी किया है और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
