Nepal Elections on March 5: Why the New Government Matters for India
नई दिल्ली: नेपाल में पिछले वर्ष सितंबर में हुई राजनीतिक उथल-पुथल और युवा आंदोलन के बाद 5 मार्च को राष्ट्रीय चुनाव आयोजित किए जा रहे हैं। इस चुनाव को नेपाल की राजनीति के साथ-साथ भारत-नेपाल संबंधों के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चुनाव के जरिए देश की नई सरकार का गठन होगा, जिसका असर क्षेत्रीय संतुलन और कूटनीतिक रिश्तों पर पड़ सकता है।
प्रमुख नेताओं के बीच मुकाबला
इस चुनाव में मुख्य मुकाबला पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और काठमांडू के पूर्व मेयर तथा राष्ट्रीय स्वतंत्रता पार्टी के युवा नेता बालेंद्र शाह के बीच माना जा रहा है। पिछले साल भ्रष्टाचार और शासन के खिलाफ हुए युवा आंदोलन के बाद ओली सरकार को सत्ता से हटना पड़ा था।
कब और कैसे होगा चुनाव
करीब 3 करोड़ आबादी वाले नेपाल में लगभग 1.90 करोड़ मतदाता मतदान करेंगे। 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा की 165 सीटों पर सीधे चुनाव होंगे, जबकि 110 सीटें पार्टियों को उनके वोट प्रतिशत के आधार पर आवंटित की जाएंगी।
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है चुनाव
भारत और नेपाल के संबंध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से बेहद गहरे हैं। दोनों देशों के बीच खुली सीमा और ‘बेटी-रोटी’ का रिश्ता लंबे समय से बना हुआ है। इसलिए नेपाल की राजनीतिक दिशा भारत की सुरक्षा, व्यापार और क्षेत्रीय रणनीति पर सीधा प्रभाव डालती है।
आर्थिक और रोजगार प्रमुख मुद्दे
काठमांडू के सूत्रों के अनुसार इस बार चुनाव में रोजगार, आर्थिक सुधार और भ्रष्टाचार सबसे बड़े मुद्दे बने हुए हैं। युवा आंदोलन के बाद जनता सरकार से आर्थिक सुधार और पारदर्शिता की उम्मीद कर रही है।
व्यापार में भारत की बड़ी भूमिका
भारत नेपाल का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। विश्व बैंक के अनुमान के अनुसार नेपाल के कुल आयात का लगभग 63 प्रतिशत भारत से आता है, जबकि चीन दूसरे स्थान पर है। नेपाल की नई सरकार की विदेश नीति भारत और चीन के बीच संतुलन तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।
गठबंधन सरकार की संभावना
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी एक पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिलना मुश्किल है, जिससे गठबंधन सरकार बनने की संभावना ज्यादा है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार नई सरकार की संरचना से यह तय होगा कि नेपाल का झुकाव भारत या चीन की ओर कितना रहेगा।
युवाओं की भूमिका निर्णायक
हालिया आंदोलन के बाद लगभग 10 लाख नए मतदाता जुड़े हैं, जिनमें बड़ी संख्या युवाओं की है। ऐसे में यह चुनाव नेपाल की नई राजनीतिक दिशा और नेतृत्व तय करने वाला माना जा रहा है।
नेपाल के इस चुनाव पर भारत समेत पूरे दक्षिण एशिया की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि नई सरकार क्षेत्रीय स्थिरता और कूटनीतिक संतुलन को प्रभावित कर सकती है।
