PM Modi in Israeli Parliament: I Was Born the Day India Recognized Israel
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को इजरायल की संसद ‘नेसेट’ को संबोधित करते हुए भारत और इजरायल के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि 17 सितंबर 1950 को भारत ने आधिकारिक रूप से इजरायल को मान्यता दी थी और उसी दिन उनका जन्म भी हुआ था।
ऐतिहासिक संबंधों का किया जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह संयोग दोनों देशों के बीच विशेष रिश्तों का प्रतीक है। उन्होंने भारत की जनता की ओर से 7 अक्टूबर को हमास के हमले में जान गंवाने वाले लोगों और उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भारत इजरायल के दुख में उसके साथ खड़ा है और आगे भी मजबूती से समर्थन करता रहेगा।
आतंकवाद पर सख्त संदेश
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी परिस्थिति में निर्दोष लोगों की हत्या को सही नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने जोर देकर कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत और इजरायल की नीति समान है और दोनों देश ‘जीरो टॉलरेंस’ के सिद्धांत पर काम करते हैं।
भारत ने भी झेला है आतंकवाद का दर्द
प्रधानमंत्री मोदी ने 26/11 मुंबई आतंकी हमलों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत लंबे समय से आतंकवाद की पीड़ा झेलता आया है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद का उद्देश्य समाज को अस्थिर करना, विकास को रोकना और लोगों के बीच भरोसा खत्म करना होता है।
वैश्विक सहयोग की जरूरत पर जोर
पीएम मोदी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवाद के खिलाफ मिलकर कार्रवाई करने की अपील की। उन्होंने कहा कि दुनिया के किसी भी हिस्से में आतंकवाद शांति के लिए खतरा है और स्थायी शांति व क्षेत्रीय स्थिरता के लिए वैश्विक सहयोग जरूरी है।
