Why Did BSE Shares Rally After Gold Import Duty Hike?
सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने के केंद्र सरकार के फैसले का असर सिर्फ सर्राफा बाजार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शेयर बाजार में भी इसका बड़ा असर देखने को मिला। इस फैसले के बाद BSE के शेयरों में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई और स्टॉक करीब 4 फीसदी उछलकर रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया।
सरकार ने गोल्ड और सिल्वर के आयात पर मूल सीमा शुल्क 5% से बढ़ाकर 10% कर दिया है। इसके साथ कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर एवं डेवलपमेंट सेस (AIDC) में भी बढ़ोतरी की गई, जिससे कुल प्रभावी आयात शुल्क बढ़कर 15% हो गया है।
सरकार का उद्देश्य कीमती धातुओं के आयात को नियंत्रित करना, व्यापार घाटा कम करना और रुपये को मजबूती देना बताया जा रहा है।
कमोडिटी बाजार में बढ़ी हलचल
नई ड्यूटी लागू होने के बाद घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेज उछाल आया। Multi Commodity Exchange of India पर गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स में मजबूत तेजी दर्ज की गई।
विशेषज्ञों के अनुसार, जब बाजार में कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव आता है तो ट्रेडर्स और निवेशकों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं। इससे कमोडिटी और डेरिवेटिव मार्केट में ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़ता है।
BSE शेयर में क्यों आई तेजी?
बाजार जानकारों का कहना है कि कमोडिटी मार्केट में बढ़ती ट्रेडिंग गतिविधियों का फायदा एक्सचेंज कंपनियों को मिलता है। क्योंकि उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा ट्रेडिंग वॉल्यूम और ट्रांजैक्शन फीस पर निर्भर करता है।
इसी वजह से निवेशकों ने BSE जैसे एक्सचेंज शेयरों में खरीदारी बढ़ाई। बढ़ती बाजार गतिविधियों और निवेशकों की भागीदारी ने BSE के शेयर को मजबूत सपोर्ट दिया।
हालांकि कमोडिटी ट्रेडिंग में सीधा फायदा MCX को अधिक माना जाता है, लेकिन बाजार में बढ़ते कारोबार का सकारात्मक असर BSE जैसी पूंजी बाजार से जुड़ी कंपनियों पर भी दिखाई देता है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव आने वाले दिनों में भी बाजार में ट्रेडिंग गतिविधियों को बढ़ा सकता है। ऐसे में एक्सचेंज और कमोडिटी बाजार से जुड़े शेयर निवेशकों के रडार पर बने रह सकते हैं।
Disclaimer: यह खबर केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। शेयर बाजार और निवेश से जुड़े किसी भी निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।
