जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर स्थित ऐतिहासिक शाही किले के नए साइनबोर्ड को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा लगाए गए नए बोर्ड में किले के नाम से ‘शाही’ शब्द हटा दिया गया है और उसकी जगह ‘जौनपुर किला’ लिखा गया है। इस बदलाव को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं।
14वीं शताब्दी में फिरोज शाह तुगलक के शासनकाल में निर्मित यह ऐतिहासिक किला जौनपुर की पहचान माना जाता है। शर्की सल्तनत से लेकर ब्रिटिश शासन तक यह किला कई महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटनाओं का साक्षी रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्मारक वर्षों से ‘शाही किला’ के नाम से जाना जाता रहा है। ऐसे में नए साइनबोर्ड पर ‘जौनपुर किला’ लिखे जाने से भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है और लोग इसके पीछे की वजह जानना चाहते हैं।
मामले पर कांग्रेस के नगर अध्यक्ष आरिफ खान ने भी आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि किसी ऐतिहासिक स्मारक के नाम में बिना स्पष्ट आधार के बदलाव उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर इस मामले में कानूनी विकल्प भी अपनाया जाएगा।
वहीं, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) का कहना है कि गजट नोटिफिकेशन में स्मारक का नाम ‘जौनपुर किला’ दर्ज है। इसी आधार पर नए साइनबोर्ड पर यह नाम लिखा गया है।
हालांकि, इस पूरे मामले में अब भी कई सवाल बने हुए हैं। यदि एक ही स्मारक पर अलग-अलग समय में लगे साइनबोर्ड पर अलग-अलग नाम दर्ज हैं, तो इसके पीछे आधिकारिक कारण क्या है और इस भ्रम की स्थिति के लिए जिम्मेदार कौन है? इन सवालों पर एएसआई की ओर से विस्तृत स्पष्टीकरण का इंतजार है।
रिपोर्ट: इम्तियाज नदवी
स्थान: जौनपुर, उत्तर प्रदेश
