कानपुर नगर। कानपुर में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति बनने लगी है। गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार कर चुका है और बैराज से 4 लाख क्यूसेक से अधिक पानी आगे छोड़ा जा रहा है। प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
बढ़ते जलस्तर का सबसे अधिक असर कटरी और तटीय इलाकों में देखने को मिल रहा है। भगवानदीनपुरवा, बनियापुरवा, लक्ष्मणपुरवा, मैनावती, चिरान, तिवारी घाट सहित करीब एक दर्जन गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। कई स्थानों पर संपर्क मार्गों पर 2 से 3 फीट तक पानी भर गया है, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
शहर के कई इलाकों में भी जलभराव की समस्या सामने आई है। परमियापुरवा नाले के गेट बंद होने से पानी का बैकफ्लो होने लगा, जिसके चलते मकड़ीखेड़ा, आजाद नगर, ख्योरा, नवाबगंज समेत आसपास की लगभग 25 बस्तियां जलभराव की चपेट में आ गई हैं।
स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन कुछ निचले इलाकों और गांवों की बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी है। वहीं गंगा बैराज मार्ग पर मोहनपुरवा से एनआरआई सिटी के पास एक लेन पर बैरिकेडिंग कर यातायात डायवर्ट किया गया है।
जिला प्रशासन, जल पुलिस और अन्य संबंधित विभाग लगातार घाटों और तटीय क्षेत्रों की निगरानी कर रहे हैं। सुरक्षा के मद्देनजर गंगा नदी में नावों के संचालन पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। साथ ही संभावित प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर और शेल्टर होम भी तैयार किए जा रहे हैं।
प्रशासन ने आशंका जताई है कि अगले 24 से 48 घंटों में गंगा का जलस्तर और बढ़ सकता है। ऐसे में तटीय और कटरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने तथा जलभराव वाले क्षेत्रों और नदी के किनारे जाने से बचने की अपील की गई है।
रिपोर्टर : चंदन सिंह
स्थान : कानपुर नगर
