Boatmen Livelihood Crisis in Shivrinarayan, Motor Seizure and 20% Collection Allegations Raise Questions
जांजगीर-चांपा जिले के नगर पंचायत शिवरीनारायण में इन दिनों कार्रवाई को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सवाल उठ रहा है कि क्या कार्रवाई के नाम पर गरीब नाविकों की आजीविका छीनी जा रही है और क्या स्वच्छता के नाम पर अवैध वसूली हो रही है।
नगर के कई नाविक महानदी में मोटर बोट चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे, लेकिन हाल ही में नगर पंचायत की कार्रवाई के दौरान उनकी नावों के मोटर जब्त कर लिए गए। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई करीब 9-10 दिन पहले हुई, जिसके बाद प्रभावित परिवारों की आजीविका पूरी तरह ठप हो गई है।
नाविकों का आरोप है कि कार्रवाई केवल 2-3 नाव संचालकों पर ही की गई, जबकि उसी नदी में अन्य नावें अब भी संचालित हो रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि स्वच्छता के नाम पर उनकी दैनिक कमाई का लगभग 20 प्रतिशत तक वसूला जा रहा है।
पीड़ित नाविकों का कहना है कि वे रोज कमाकर अपना घर चलाते हैं और मोटर जब्त होने के बाद उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। साथ ही अतिरिक्त पैसे की मांग से उनकी परेशानी और बढ़ गई है।
इन मुद्दों को लेकर नाविकों, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने एकजुट होकर नगर पंचायत सीएमओ को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें मोटर वापस करने और नाव संचालन की अनुमति देने की मांग की गई है।
अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इन आरोपों पर क्या रुख अपनाता है और क्या प्रभावित नाविकों को राहत मिलती है या यह विवाद आगे और बढ़ता है।
