आगरा, उत्तर प्रदेश। एक ओर आगरा को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किए जाने के दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बरौली अहीर ब्लॉक के श्यामो गांव के ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं के अभाव का आरोप लगाते हुए प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जता रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में वर्षों से सड़क और जलनिकासी की समस्या बनी हुई है, जिससे उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, गांव की मुख्य सड़कें बारिश के दौरान कीचड़ और जलभराव से भर जाती हैं। उनका दावा है कि कई स्थानों पर डेढ़ फीट तक कीचड़ जमा हो जाता है, जिससे बच्चों को स्कूल जाने और लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि खराब रास्तों के कारण एंबुलेंस और अन्य चारपहिया वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाते। आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल ले जाने के लिए ट्रैक्टर का सहारा लेना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि आए दिन बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे फिसलकर घायल हो जाते हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार शिकायतें और प्रार्थना पत्र दिए गए, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। उनका कहना है कि गांव की सड़क और जलनिकासी व्यवस्था में सुधार की मांग लंबे समय से लंबित है।
समस्या के समाधान की मांग को लेकर ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण और जलनिकासी की व्यवस्था नहीं की गई, तो वे आंदोलन करेंगे। साथ ही उन्होंने आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बहिष्कार की भी चेतावनी दी है।
हालांकि, ग्राम पंचायत, संबंधित विभाग या जिला प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ग्रामीणों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि भी फिलहाल नहीं हो सकी है।
नोट: यह समाचार स्थानीय ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोपों और उनके दावों पर आधारित है। प्रशासन का पक्ष सामने आने पर समाचार को अपडेट किया जा सकता है।
रिपोर्ट: योगेश चौहान
स्थान: आगरा, उत्तर प्रदेश (4TV News)
