Woman BLO Suffers Heart Attack During SIR Duty in Banda; Family Alleges Work Pressure
बांदा। में मतदाता सूची सत्यापन (SIR) कार्य के दौरान तैनात एक महिला बीएलओ को दिल का दौरा पड़ने का मामला सामने आया है। हालत गंभीर होने पर उन्हें बांदा से ग्वालियर रेफर किया गया, जहां वह आईसीयू में भर्ती हैं। परिजनों ने इस घटना के पीछे अत्यधिक कार्य दबाव को जिम्मेदार ठहराया है।
सदर विधानसभा क्षेत्र के कहला गांव की बीएलओ अनीता रावत प्राथमिक विद्यालय गंछा में शिक्षामित्र के पद पर कार्यरत हैं। परिवार का कहना है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य के भारी दबाव के चलते वह लंबे समय से मानसिक तनाव में थीं। सोमवार शाम उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द हुआ, जिसके बाद परिजन उन्हें जिला अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें ग्वालियर रेफर कर दिया।
देवर ने लगाए गंभीर आरोप
अनीता के देवर सुरेश रावत ने विभागीय अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि निर्धारित लक्ष्य पूरा न होने का हवाला देकर अनीता को अलग-अलग तारीखों में तीन बार कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि समीक्षा बैठकों में उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित किया जाता था।
सहायक निर्वाचन अधिकारी पर भी आरोप
परिवार के अनुसार, अनीता ने अपनी खराब तबीयत और काम के बढ़ते दबाव को लेकर कुछ दिन पहले बीआरसी (खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय) में प्रार्थना पत्र दिया था। आरोप है कि राहत देने के बजाय खंड शिक्षा अधिकारी और सहायक निर्वाचन अधिकारी ने उन्हें फटकार लगाई और काम का दबाव बनाए रखा।
प्रशासन ने आरोपों से किया इनकार
वहीं प्रशासन ने इन आरोपों को खारिज किया है। एसडीएम अमित शुक्ला का कहना है कि यदि बीएलओ की तबीयत खराब थी, तो उन्हें उच्चाधिकारियों को सूचित करना चाहिए था। प्रशासन हर संभव सहायता देने के लिए तैयार रहता।
बीएसए अव्यक्तराम तिवारी ने भी बीमारी से संबंधित किसी प्रार्थना पत्र के मिलने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के निर्देशानुसार यह कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा करना अनिवार्य होता है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी जाती, तो उन्हें आवश्यक राहत अवश्य दी जाती।
