A medical camp was organised in Lucknow on Unani World Day, where 250 patients received free treatment.
लखनऊ। में बुधवार को ‘अमन व इंसाफ़ तहरीक’ की ओर से उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब में ‘अमन व आस्था के समर्थन, अत्याचार व अन्याय के विरोध’ विषय पर प्रेस वार्ता की गई । इसमें मजलिस उलेमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना कल्बे जवाद मौलाना सैय्यद सफी हैदर , मौलाना जहांगीर आलम कासमी कई धार्मिक नेताओं ने वैश्विक अशांति, मानवाधिकार उल्लंघनों और पश्चिम एशिया की स्थिति पर चिंता जताई।
विश्व की परिस्थितियां चिंताजनक
मौलाना कल्बे जवाद ने कहा कि पूरी दुनिया की मौजूदा परिस्थितियां चिंताजनक हैं । कुछ वैश्विक शक्तियां युद्ध और अस्थिरता को बढ़ावा दे रही हैं। अफगानिस्तान, इराक, सीरिया और लीबिया के बाद अब ईरान को निशाना बनाया जा रहा है। मौलाना ने कहा डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा ईरान के सर्वोच्च नेता को दी धमकी दी गई। किसी भी देश को धमकी देना शर्मनाक है। अमेरिका लगातार उन देशों को धमकी देने की कोशिश कर रहा है जो उसकी मांगों को स्वीकार नहीं करते। डोनाल्ड ट्रंप पूरे विश्व में तानाशाही करना चाह रहे हैं जो स्वीकार नहीं किया जाएगा।
भारत का जताया आभार
मौलाना जवाद ने कहा कि हम यही मांग करते हैं कि पूरे विश्व में शांति कायम रहे। जियो और जीने दो की थ्योरी पर विश्व के लीडरों को काम करना चाहिए। किसी एक देश की दादागिरी नहीं चल सकती है। जिस देश से लाभ नहीं मिलता है अमेरिका उसके विरोध में खड़ा हो जाता है। मौलाना ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ईरान के पक्ष में मतदान के लिए भारत सरकार का आभार जताया।
‘अत्याचार का खुलकर विरोध हो’
मौलाना सफी हैदर ने कहा कि भारत हमेशा शांति और न्याय का समर्थक रहा है। उन्होंने ‘राष्ट्रीय शांति अभियान’ शुरू करने की घोषणा की, जिसके तहत हस्ताक्षर अभियान, सम्मेलन और सोशल मीडिया के माध्यम से जागरूकता चलाई जाएगी। मौलाना ने कहा कि यह किसी एक देश का नहीं, बल्कि मानवता का प्रश्न है और सभी धर्मों के लोगों को एक मंच पर आना चाहिए।
मौलाना जहांगीर आलम कासमी ने पाकिस्तान में शिया समुदाय पर हमलों और गाज़ा की स्थिति पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जहां कहीं भी अत्याचार हो उसका विरोध होना चाहिए।
