जालौन। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में पुलिस हिरासत से जुड़े एक मामले ने नया मोड़ ले लिया है। सोशल मीडिया पर एक कथित वीडियो सामने आया है, जिसमें खुद को सौरभ सक्सेना, निवासी गहेसर, जिला औरैया, बताने वाला व्यक्ति पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाता दिखाई दे रहा है। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
स्थानीय स्तर पर यह दावा किया जा रहा है कि सौरभ सक्सेना को चौकी जालौन से पहले उरई, फिर झांसी और बाद में ग्वालियर ले जाया गया। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
मामले को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। इनमें यह भी शामिल है कि सौरभ सक्सेना को किन परिस्थितियों में एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाया गया, क्या उसके परिजन उसके साथ हैं, उसके साथ हिरासत में लिए गए अन्य लोगों की क्या स्थिति है और पुलिस ने अब तक आधिकारिक जानकारी क्यों साझा नहीं की है।
इस पूरे प्रकरण के बीच चौकी प्रभारी मनीष तिवारी को लेकर भी विभिन्न आरोप चर्चा में हैं। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर उनके खिलाफ पूर्व की कुछ कथित घटनाओं का भी उल्लेख किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही संबंधित मामलों में पुलिस या सक्षम अधिकारियों की ओर से कोई पुष्टि या निष्कर्ष सार्वजनिक किया गया है।
बताया जा रहा है कि जिस मामले में कार्रवाई हुई, वह एक युवती की स्कूटी से रुपये चोरी होने के प्रकरण से जुड़ा है, जिसमें एफआईआर दर्ज होने के बाद कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया था। हालांकि, पुलिस ने अब तक पूरे घटनाक्रम पर विस्तृत आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है।
फिलहाल इस मामले पर सभी की निगाहें वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की कार्रवाई और आधिकारिक बयान पर टिकी हैं। पुलिस की ओर से तथ्य सामने आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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स्थान : जालौन
