जालौन, उत्तर प्रदेश। जालौन में बिरिया खेड़ा मार्ग पर स्थित मलंगा नाला पुल के निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि निर्माण कार्य में मानकों का पालन नहीं किया गया, जिससे पुल की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं और श्रद्धालुओं के आवागमन में भी परेशानी हो रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल के निर्माण में बड़े आकार के पाइप लगाए जाने थे, लेकिन उनकी जगह छोटे पाइप लगाए गए। आरोप है कि इन पाइपों में कटीली झाड़ियां और मलबा फंस जाने से पानी की निकासी प्रभावित हो रही है। इससे पुल के पिलरों पर दबाव बढ़ रहा है और उनके क्षतिग्रस्त होने की आशंका जताई जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि पुल के निर्माण पर लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन निर्माण के बाद भी कई बार मरम्मत और लीपापोती करानी पड़ी। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।
स्थानीय श्रद्धालुओं का कहना है कि पुल की खराब स्थिति के कारण क्षेत्र के मंदिर तक पहुंचने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने और यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) सुशील कुमार से पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। बाद में कार्यालय की ओर से नंबर की जांच कराने की बात कही गई।
फिलहाल पुल निर्माण में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में संबंधित विभाग की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
नोट: यह समाचार स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। संबंधित विभाग की आधिकारिक जांच और प्रतिक्रिया अभी आना बाकी है।
रिपोर्ट: भीम राजावत
स्थान: जालौन, उत्तर प्रदेश (4TV News)
