जालौन (उत्तर प्रदेश): जालौन नगर में कान्हा गौशाला संचालित होने के बावजूद बड़ी संख्या में गोवंश और नंदी सड़कों पर घूमते दिखाई दे रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुरानी सब्जी मंडी, नई सब्जी मंडी रोड और आसपास के क्षेत्रों में प्रतिदिन 20 से 25 के झुंड में गोवंश घूमते देखे जा सकते हैं, जिससे हादसों का खतरा लगातार बना हुआ है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, कई गोवंश सड़क दुर्घटनाओं का शिकार होकर घायल हो चुके हैं, जबकि कुछ की मौत भी हो गई है। हाल ही में एक बीमार नंदी की मौत के बाद गौरक्षकों द्वारा उसका अंतिम संस्कार (दफन) किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। लोगों का कहना है कि यदि ऐसे गोवंश समय रहते गौशाला पहुंचा दिए जाते, तो उनकी जान बचाई जा सकती थी।
नगरवासियों का आरोप है कि इस संबंध में कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद नगर पालिका परिषद जालौन की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। उनका कहना है कि सरकार द्वारा गोवंश के संरक्षण के लिए गौशालाओं की व्यवस्था और संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं, फिर भी बड़ी संख्या में गाय और नंदी सड़कों पर भटक रहे हैं।
आवारा गोवंश के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। कई बार वाहन इनकी चपेट में आ जाते हैं, जिससे गोवंश के साथ-साथ राहगीरों और वाहन चालकों की जान भी जोखिम में पड़ जाती है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और नगर पालिका से मांग की है कि सभी आवारा गोवंश को तत्काल गौशाला पहुंचाया जाए और उनकी उचित देखभाल सुनिश्चित की जाए, ताकि दुर्घटनाओं पर रोक लग सके और गोवंश की सुरक्षा भी हो सके।
फिलहाल यह देखना होगा कि नगर पालिका और संबंधित विभाग इस समस्या को लेकर क्या कदम उठाते हैं और सड़कों पर घूम रहे आवारा गोवंश को सुरक्षित गौशालाओं तक पहुंचाने की दिशा में कब कार्रवाई होती है।
रिपोर्टर: भीम राजावत
स्थान: जालौन, उत्तर प्रदेश
