सीतापुर के तंबौर में बदहाल बिजली व्यवस्था को लेकर अब प्लाईवुड कारोबारियों ने मोर्चा खोल दिया है। बिजली की लगातार ट्रिपिंग, ओवरलोड और जर्जर विद्युत लाइनों की समस्या से परेशान तंबौर प्लाईवुड मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने विद्युत विभाग के चेयरमैन से शिकायत की। इसके बाद उच्चाधिकारी तंबौर पावर हाउस पहुंचे, जहां एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर समस्याएं सुनी गईं और ज्ञापन लिया गया।
तंबौर के औद्योगिक क्षेत्र में बिजली की खराब व्यवस्था को लेकर प्लाईवुड मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने नाराजगी जताई है। एसोसिएशन के मुताबिक तंबौर सबस्टेशन के इंडस्ट्रियल फीडर से 50 से अधिक छोटे-बड़े प्लाईवुड कारोबारी जुड़े हुए हैं, लेकिन बार-बार बिजली की ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज जैसी समस्याओं के चलते उद्योगों का संचालन प्रभावित हो रहा है।
समस्या को लेकर एसोसिएशन ने अधिकारियों के सामने चार प्रमुख मांगें रखी हैं। सबसे बड़ी मांग तंबौर में 132 केवी उपकेंद्र स्थापित करने की है, जिससे 132/33 केवी लाइन की अधिक दूरी की समस्या दूर हो सके।
इसके साथ ही 33 केवी लाइन को टावर पर बनाने या अंडरग्राउंड करने, 33/11 केवी उपकेंद्र में ओवरलोड को देखते हुए कम से कम 10 एमवीए क्षमता बढ़ाने और जर्जर 132/33 केवी लाइन का जल्द दुरुस्तीकरण कराने की मांग की गई है।
एसोसिएशन ने इंडस्ट्रियल फीडर पर उपभोक्ताओं के स्वीकृत लोड के हिसाब से विद्युत व्यवस्था के मानक तय करने की भी मांग रखी है, ताकि बड़े उपभोक्ताओं को बार-बार ट्रिपिंग की समस्या से राहत मिल सके।
अधिकारियों ने एसोसिएशन के पदाधिकारियों को समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया है। अब देखना होगा कि तंबौर के औद्योगिक क्षेत्र में बिजली की इस समस्या का स्थायी समाधान कब तक हो पाता है।
