सीतापुर: जिले के रेउसा और लहरपुर विकासखंड क्षेत्र के रतनगंज गांव में शारदा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। गांव के लोगों को आशंका है कि यदि नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो एक बार फिर कटान की समस्या गंभीर रूप ले सकती है। बीते वर्षों में शारदा नदी के कटान से गांव के करीब 27 मकान नदी में समा गए थे, जिसकी याद आज भी ग्रामीणों को डराती है।
ग्रामीणों का कहना है कि नदी का जलस्तर बढ़ते ही उनके सामने अपने घरों और जमीन को बचाने की चिंता खड़ी हो जाती है। कई परिवार रातभर जागकर नदी की स्थिति पर नजर रखने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि हर बारिश के मौसम में कटान का खतरा बढ़ जाता है और इस बार भी हालात चिंताजनक दिखाई दे रहे हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव को कटान से बचाने के लिए शासन की ओर से करोड़ों रुपये की लागत से कटानरोधी परियोजना चलाई गई थी, लेकिन शारदा नदी के तेज बहाव के कारण परियोजना का बड़ा हिस्सा बह गया। उनका कहना है कि मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था नदी के कटाव को रोकने में नाकाम साबित हो रही है।
ग्रामीणों की मांग है कि नदी किनारे मजबूत पत्थरों और अन्य स्थायी सुरक्षा उपायों के साथ प्रभावी कटानरोधी कार्य कराया जाए, ताकि गांव को भविष्य में होने वाले नुकसान से बचाया जा सके। उनका यह भी कहना है कि अब तक कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने नहीं आया है।
गौरतलब है कि पिछले वर्षों में जिन परिवारों के घर नदी में समा गए थे, उन्हें शासन की ओर से करीब 1.20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई थी। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि इतनी राशि में नया मकान बनाना संभव नहीं है, जिसके कारण कई परिवार आज भी अस्थायी व्यवस्था में रहने को मजबूर हैं।
बढ़ते जलस्तर के बीच रतनगंज गांव के लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर कटान की स्थिति का निरीक्षण करने और गांव की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
रिपोर्ट: नन्द किशोर नाग, सीतापुर
