Journalists became angels for those injured in a road accident, personally carrying them and sending them to the hospital.
अमरोहा (उत्तर प्रदेश)। जिले में शुक्रवार देर रात मानवता की एक मिसाल देखने को मिली, जब सड़क हादसे में घायल यात्रियों के लिए पत्रकार देवदूत बनकर सामने आए। थाना गजरौला क्षेत्र के नेशनल हाईवे-9 पर एक रोडवेज बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें दर्जनों यात्री घायल हो गए, जिनमें मासूम बच्चे भी शामिल थे।
शुक्रवार रात करीब 11:30 बजे मुरादाबाद से दिल्ली जा रही रोडवेज बस पुलिस क्षेत्राधिकारी कार्यालय के पास एक अज्ञात वाहन से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और बस के अंदर चीख-पुकार मच गई।

हादसे की तेज आवाज सुनकर पास में मौजूद पत्रकार और स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। बिना किसी देरी के उन्होंने कड़ी मशक्कत कर स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को बस से बाहर निकाला और एंबुलेंस के जरिए पास के अस्पताल भिजवाया। कई घायलों को पत्रकारों ने खुद उठाकर सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया, ताकि समय पर इलाज मिल सके।
सूचना मिलते ही चौपला पुलिस चौकी इंचार्ज सुधीर कुमार तोमर, कांस्टेबल कपिल, कांस्टेबल राहुल सहित पुलिस टीम मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को बेहतर उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।
गनीमत रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई। पुलिस ने यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए क्रेन मंगवाकर क्षतिग्रस्त रोडवेज बस को सड़क से हटवाया।
पत्रकारों और स्थानीय लोगों की इस त्वरित व संवेदनशील पहल की क्षेत्र में जमकर प्रशंसा हो रही है। लोगों का कहना है कि समय रहते मदद मिलने से कई घायलों की हालत बिगड़ने से बच गई। यह कदम न सिर्फ जिम्मेदारी का उदाहरण है, बल्कि मानवता और कर्तव्यनिष्ठा की भी एक प्रेरणादायक मिसाल बन गया है।
