नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के नए सप्ताह की शुरुआत राजनीतिक गर्माहट के साथ होने जा रही है। दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष सरकार को लोकसभा और राज्यसभा में घेरने की तैयारी कर रहा है। विपक्ष का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया गया, जिसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
सूत्रों के अनुसार, विपक्ष प्रधानमंत्री से इस पूरे घटनाक्रम पर सदन में बयान देने और सरकार की ओर से जवाब मांगेगा। साथ ही, कथित पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र जांच, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और घायल छात्रों को न्याय दिलाने की मांग भी उठाई जाएगी।
इंडिया गठबंधन के नेताओं की सोमवार सुबह बैठक प्रस्तावित है, जिसमें संसद के भीतर सरकार को घेरने की रणनीति पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। बैठक में यह भी तय होगा कि किन मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी और सदन में किस नेता की ओर से यह मामला उठाया जाएगा।
इस बीच लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर जवाबदेही तय करने की मांग की है। राहुल गांधी ने पूछा है कि प्रदर्शनकारियों पर कथित तौर पर पैलेट गन और अन्य बल प्रयोग की मंजूरी किसने दी तथा प्रदर्शन के दौरान सादे कपड़ों में लाठी चलाते दिखे लोग कौन थे।
वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भाजपा के लिए पद से अधिक महत्वपूर्ण देश, युवा और छात्र हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार युवाओं की भावनाओं का सम्मान करती है और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए आवश्यक सुधार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इसी क्रम में केंद्र सरकार सोमवार को लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पेश करेगी। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह इस विधेयक को सदन में पेश करेंगे। प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों पर सख्ती बढ़ाना तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करना है।
नोट: छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई और कथित पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि या स्वतंत्र जांच की अंतिम रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं हुई है।
