India Successfully Tests Agni-5 Missile With MIRV Capability, Expands Strategic Strike Power
Defence Research and Development Organisation ने ओडिशा के APJ Abdul Kalam Island से अग्नि-5 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण कर भारत की रणनीतिक सैन्य क्षमता को नई मजबूती दी है।
5,000 किलोमीटर से अधिक मारक क्षमता वाली यह मिसाइल अब अत्याधुनिक MIRV यानी “मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेड री-एंट्री व्हीकल” तकनीक से लैस है। इस तकनीक की मदद से एक ही मिसाइल अलग-अलग लक्ष्यों पर कई वॉरहेड दाग सकती है।
पाकिस्तान, चीन समेत यूरोप तक पहुंच
अग्नि-5 की लंबी रेंज के कारण अब Pakistan और China के अलावा एशिया और यूरोप के कई हिस्से इसकी जद में आ चुके हैं। इससे भारत की सामरिक ताकत और प्रतिरोध क्षमता में बड़ा इजाफा माना जा रहा है।
इससे पहले भारत अग्नि-1 से अग्नि-4 तक की मिसाइलों का सफल परीक्षण कर चुका है, जिनकी रेंज 700 से 3500 किलोमीटर तक है।
मिशन दिव्यास्त्र से भारत को नई पहचान
मार्च 2024 में भारत ने पहली बार MIRV तकनीक से लैस अग्नि-5 का परीक्षण किया था, जिसे प्रधानमंत्री Narendra Modi ने “मिशन दिव्यास्त्र” की सफलता बताया था।
अब लगातार सफल परीक्षणों के बाद भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है, जिनके पास एडवांस्ड MIRV क्षमता मौजूद है। इस सूची में United States, Russia, China, United Kingdom और France जैसे देश शामिल हैं।
क्या है अग्नि-5 की खासियत?
अग्नि-5 एक कैनिस्टर आधारित मिसाइल सिस्टम है, जिसे हमेशा लॉन्च के लिए तैयार रखा जा सकता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी मोबिलिटी और तेज तैनाती क्षमता है।
इसे सड़क और रेल दोनों माध्यमों से कहीं भी ले जाया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर किसी भी स्थान से लॉन्च किया जा सकता है।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अग्नि-5 का यह अपग्रेड भारत की परमाणु प्रतिरोध क्षमता को और मजबूत करेगा और भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में अहम भूमिका निभाएगा।
