Mumbai Death Case: No Food Adulteration Found, Forensic Report to Reveal Truth
Mumbai के चर्चित डोकाडिया हाउस मौत मामले में जांच एजेंसियों को एक अहम सुराग मिला है। शुरुआती जांच में खाद्य मिलावट की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की रिपोर्ट में किसी भी खाद्य सामग्री में मिलावट के सबूत नहीं मिले हैं।
अधिकारियों के अनुसार, घर से एकत्र किए गए सभी खाद्य नमूनों की जांच में कृत्रिम रंग, स्वीटनर या अन्य मिलावट वाले पदार्थ नहीं पाए गए। खासतौर पर तरबूज के नमूने की जांच में भी किसी तरह के सिंथेटिक डाई या केमिकल का उपयोग नहीं मिला, जिससे यह साफ हुआ कि खाने में जानबूझकर मिलावट की संभावना कम है।
हालांकि, जांच अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। FDA ने स्पष्ट किया है कि उनके परीक्षणों की सीमाएं हैं और वे केवल ज्ञात मिलावट या पदार्थों की पहचान कर सकते हैं। बैक्टीरिया संबंधी परीक्षण नहीं हो पाने के कारण संक्रमण या किसी अन्य विषैले तत्व की संभावना को अभी खारिज नहीं किया जा सकता।
इसके अलावा पानी के नमूने की रिपोर्ट भी स्पष्ट नहीं आ सकी है, जबकि खजूर के नमूनों की मात्रा कम होने के कारण उनकी जांच नहीं हो पाई। वहीं, मांस के नमूने को आगे की जांच के लिए बीएमसी लैब भेजा गया है, जहां प्रोटीन और अन्य तत्वों की विस्तृत जांच की जाएगी।
पूरे मामले की असली वजह अब फॉरेंसिक जांच पर निर्भर मानी जा रही है। खाद्य नमूनों को फॉरेंसिक टीम और FDA के बीच बांटा गया है, जहां वैज्ञानिक अब यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि कहीं सूक्ष्मजीवों द्वारा उत्पन्न विषाक्त पदार्थ या कोई अन्य जहरीला तत्व तो मौत की वजह नहीं बना।
फिलहाल यह मामला और भी जटिल होता जा रहा है और अंतिम निष्कर्ष फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आ पाएगा।
