PM Modi Warns on Iran War: Continued Conflict Will Have Serious Consequences
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री Narendra Modi ने राज्यसभा में पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि यदि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध जारी रहता है तो इसके गंभीर दुष्परिणाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि आने वाला समय देश के लिए बड़ी परीक्षा जैसा होगा और इससे निपटने के लिए सभी राज्यों को “टीम इंडिया” की तरह मिलकर काम करना होगा।
प्रधानमंत्री ने बताया कि Strait of Hormuz में भारतीय जहाज और क्रू फंसे हुए हैं, जिससे व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि इस संकट का असर तेल, गैस और उर्वरकों की आपूर्ति पर भी पड़ा है, जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।
उन्होंने एक दिन पहले लोकसभा में दिए अपने बयान का जिक्र करते हुए कहा कि यह संघर्ष वैश्विक स्तर पर लंबे समय तक असर डाल सकता है, इसलिए देश को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहना होगा।
पीएम मोदी के संबोधन की प्रमुख बातें:
1. राज्यों से अपील:
प्रधानमंत्री ने कहा कि संकट के समय गरीबों और श्रमिकों पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है। उन्होंने राज्यों से अपील की कि प्रधानमंत्री गरीब अन्न कल्याण योजना का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाया जाए और कालाबाजारी व जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई की जाए।
2. किसानों को आश्वासन:
उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि बुआई के सीजन में खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी। सरकार ने पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तैयारी कर ली है और हर चुनौती में किसानों के साथ खड़ी है।
3. तेल-गैस और महंगाई पर रणनीति:
सरकार ने अलग-अलग क्षेत्रों के लिए 7 एम्पॉवर्ड ग्रुप बनाए हैं, जो सप्लाई चेन, पेट्रोल-डीजल, गैस, उर्वरक और महंगाई जैसे मुद्दों पर त्वरित फैसले लेकर स्थिति संभालेंगे।
4. होर्मुज स्ट्रेट पर चिंता:
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस समुद्री मार्ग में बाधा से वैश्विक व्यापार प्रभावित हो रहा है। भारत कूटनीतिक स्तर पर प्रयास कर रहा है ताकि जहाजों की आवाजाही सुचारू बनी रहे।
5. विदेशों में भारतीयों की सुरक्षा:
उन्होंने बताया कि अब तक 3.75 लाख से अधिक भारतीय सुरक्षित देश लौट चुके हैं, जिनमें ईरान से लौटे 1000 से ज्यादा लोग शामिल हैं। सभी देशों ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा का भरोसा दिया है। कुछ भारतीयों की मौत को उन्होंने दुखद बताते हुए कहा कि सरकार उनके परिवारों की मदद कर रही है और घायलों का इलाज कराया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने दोहराया कि इस वैश्विक संकट का सामना करने के लिए केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करना होगा, तभी देश इस चुनौती से मजबूती से बाहर निकल पाएगा।
