Om Birla responds to opposition: ‘Even the PM gives notice before speaking, Parliament doesn’t belong to any one person’
नई दिल्ली। लोकसभा में विपक्षी दलों द्वारा स्पीकर के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के खारिज होने के एक दिन बाद स्पीकर ओम बिरला फिर से सदन की कार्यवाही में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने अपनी निष्पक्षता को लेकर उठ रहे सवालों पर विपक्ष के नेता को जवाब दिया।
ओम बिरला ने कहा कि अगले दो दिनों की चर्चा के दौरान वे भी अपनी बात रखेंगे, लेकिन विपक्ष के नेता सहित सभी सदस्यों को सदन के नियमों का पालन करना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकसभा में नियम सभी पर समान रूप से लागू होते हैं और यह सदन किसी एक व्यक्ति का नहीं है।
स्पीकर ने आगे कहा कि यहां तक कि प्रधानमंत्री को भी सदन में बोलने से पहले नोटिस देना पड़ता है। इसलिए विपक्ष के नेता को भी निर्धारित प्रक्रिया और नियमों के तहत ही बोलना होगा। उन्होंने कहा कि ये नियम लंबे समय से चले आ रहे हैं और इन्हें लागू करना स्पीकर की जिम्मेदारी है। कई बार व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त फैसले लेने पड़ते हैं, लेकिन उन्होंने हमेशा संतुलन बनाए रखने की कोशिश की है।
माइक बंद करने के आरोपों पर भी ओम बिरला ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि स्पीकर के पास ऐसा कोई बटन नहीं होता जिससे किसी सदस्य का माइक बंद किया जा सके।
