Trump Cuts Tariff to 15%: India Likely to Stay Profitable, Key Products Get Relief
नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत सहित कई देशों पर लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ में कटौती करते हुए बड़ा फैसला लिया है। नए आदेश के तहत भारत से अमेरिका निर्यात होने वाले सामान पर अतिरिक्त आयात शुल्क 25 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है। व्हाइट हाउस द्वारा 20 फरवरी को जारी आदेश के अनुसार नई दरें 24 फरवरी 2026 से लागू होंगी और फिलहाल 150 दिनों तक प्रभावी रहेंगी।
टैरिफ घटने से भारतीय उत्पाद होंगे प्रतिस्पर्धी
टैरिफ यानी आयात शुल्क वह कर है जो किसी देश द्वारा दूसरे देश से आने वाले सामान पर लगाया जाता है। शुल्क कम होने से भारतीय उत्पाद अमेरिकी बाजार में अपेक्षाकृत सस्ते होंगे, जिससे उनकी प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।
भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता को मिली रफ्तार
इस निर्णय को दोनों देशों के बीच जारी व्यापार वार्ताओं से जोड़कर देखा जा रहा है। पहले चरण के व्यापार समझौते का कानूनी मसौदा तैयार करने के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल 23 फरवरी से वाशिंगटन में बातचीत करेगा। संभावना है कि अगले महीने समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं।
इन उत्पादों को टैरिफ से छूट
अमेरिका ने अपनी घरेलू जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कुछ वस्तुओं को 15 प्रतिशत टैरिफ से बाहर रखा है। इनमें शामिल हैं:
- दवाएं और फार्मा सामग्री
- कुछ इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद
- ऊर्जा से जुड़े सामान
- उर्वरक
- यात्री वाहन और बसें
- एयरोस्पेस क्षेत्र के कुछ उत्पाद
यह व्यवस्था फिलहाल जुलाई 2026 तक लागू रहने की संभावना है।
Trump Cuts Tariff to 15%: India Likely to Stay Profitable, Key Products Get Relief
क्या होता है रेसिप्रोकल टैरिफ
रेसिप्रोकल टैरिफ का मतलब पारस्परिक शुल्क से है। यानी जिस दर से कोई देश अमेरिकी उत्पादों पर आयात शुल्क लगाता है, अमेरिका भी उसी अनुपात में उस देश के उत्पादों पर शुल्क लागू करता है। ट्रंप प्रशासन ने अप्रैल 2025 में भारत समेत करीब 60 देशों पर यह नीति लागू की थी।
भारत पर टैरिफ का सफर
पिछले वर्ष अमेरिका ने भारत पर 26 प्रतिशत रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया था। बाद में रूस से तेल खरीद को लेकर 25 प्रतिशत अतिरिक्त दंडात्मक शुल्क जोड़ा गया, जिससे कुल शुल्क 50 प्रतिशत तक पहुंच गया। फरवरी 2026 में अंतरिम व्यापार समझौते के बाद यह घटाकर 18 प्रतिशत किया गया और अब इसे और कम कर 15 प्रतिशत कर दिया गया है।
किन क्षेत्रों को मिलेगा फायदा
भारत से अमेरिका को दवाएं, जैविक उत्पाद, टेलीकॉम उपकरण, कीमती पत्थर, पेट्रोलियम उत्पाद, ऑटो पार्ट्स, आभूषण और रेडीमेड कपड़ों का बड़ा निर्यात होता है। टैरिफ घटने से इन उद्योगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
हालांकि कुछ सेक्टरों पर पहले की तरह भारी शुल्क जारी रहेगा।
- स्टील, एल्युमिनियम और कॉपर पर 50% टैरिफ लागू रहेगा
- कुछ ऑटो कंपोनेंट्स पर 25% शुल्क जारी रहेगा
विशेषज्ञों के अनुसार, सेवाओं के व्यापार में भी भारत को बढ़त मिली है और कुल मिलाकर भारत को लगभग 44.4 अरब डॉलर का व्यापार लाभ हासिल हुआ है। नए टैरिफ फैसले से दोनों देशों के बीच व्यापार संतुलन और मजबूत होने की संभावना जताई जा रही है।
