YouTube-Learned Fraud: Cyber Criminal Cloned Thumbs to Dupe ₹35 Lakh via AEPS in Aligarh
अलीगढ़। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में साइबर थाना पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जिसने यूट्यूब से तकनीक सीखकर अंगूठे का क्लोन तैयार किया और आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AEPS) के जरिए लोगों के बैंक खातों से करीब 35 लाख रुपये उड़ा दिए।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने करीब 14 हजार रुपये में ऑनलाइन रबर स्टाम्प बनाने की मशीन खरीदी थी। वह पॉलिमर क्योरिंग केमिकल की मदद से लोगों के फिंगरप्रिंट का रबर क्लोन तैयार करता था। इसके लिए वह राजस्व विभाग की वेबसाइट से सेल डीड की पीडीएफ डाउनलोड कर आधार नंबर और फिंगरप्रिंट संबंधी जानकारी हासिल करता था।
इसके बाद वह तैयार किए गए क्लोन अंगूठे को बायोमैट्रिक मशीन पर लगाकर AEPS ऐप में आधार नंबर दर्ज करता और संबंधित व्यक्ति के बैंक खाते से रकम अपने बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट (BC) वॉलेट में ट्रांसफर कर लेता। फिर जनसेवा केंद्र के जरिए नकदी निकाल लेता था।
इस तरीके से आरोपी ने कई लोगों को निशाना बनाते हुए लगभग 35 लाख रुपये की ठगी की।
पीड़ितों की शिकायत पर साइबर थाने में आईपीसी की धारा 420 और आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। जांच के दौरान फरार आरोपी शिवम कुमार पुत्र दिनेश कुमार कुशवाह, निवासी फतेहपुर, को गुरुग्राम के भंगरोला थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने उसके पास से 689 फिंगरप्रिंट क्लोन, 6 मोबाइल फोन, 2 एसएसडी, 13 सिम कार्ड, 2 बायोमैट्रिक मशीन और एक एचपी लैपटॉप बरामद किया है।
सीओ क्राइम सर्जन सिंह ने बताया कि इस मामले में सात अन्य आरोपियों के खिलाफ पहले ही चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। आरोपी के खिलाफ कानपुर और फतेहगढ़ में भी धोखाधड़ी के मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे आधार नंबर और बायोमैट्रिक जानकारी साझा करते समय सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन या पुलिस को दें।
