SIM Binding Rule Effective from Today: WhatsApp and Telegram Won’t Work Without Active SIM
नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए सिम बाइंडिंग नियम आज, 1 मार्च से प्रभावी हो गए हैं। नए नियमों के तहत अब WhatsApp, Telegram और Signal जैसे मैसेजिंग ऐप केवल उसी मोबाइल नंबर से काम करेंगे, जिसका सक्रिय सिम संबंधित फोन में मौजूद होगा। इस कदम का उद्देश्य साइबर फ्रॉड और डिजिटल धोखाधड़ी पर रोक लगाना है।
क्या है नया नियम
नए प्रावधान के अनुसार, जिस मोबाइल नंबर से मैसेजिंग ऐप का अकाउंट बनाया गया है, उसी नंबर का एक्टिव सिम फोन में होना अनिवार्य होगा। यदि सिम बंद, निष्क्रिय या किसी दूसरे डिवाइस में डाला गया है, तो संबंधित ऐप काम करना बंद कर सकते हैं। सरकार का मानना है कि इससे फर्जी अकाउंट और ऑनलाइन ठगी के मामलों पर नियंत्रण लगेगा।
90 दिन पहले दी गई थी समयसीमा
दूरसंचार मंत्रालय ने 28 नवंबर को सिम बाइंडिंग नियमों की घोषणा करते हुए कंपनियों को लागू करने के लिए 90 दिनों का समय दिया था। यह अवधि 28 फरवरी को समाप्त हो गई, जिसके बाद नियम आज से लागू कर दिए गए। हालांकि WhatsApp की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन कंपनी ने भारत में नए नियमों के अनुरूप टेस्टिंग शुरू करने की जानकारी दी थी।
डेस्कटॉप और वेब लॉगिन पर असर
नए नियमों के बाद WhatsApp Web और Desktop उपयोगकर्ताओं को हर छह घंटे में ऑटो लॉग-आउट किया जा सकता है। दोबारा इस्तेमाल के लिए QR कोड स्कैन कर लॉगिन करना होगा।
यूजर्स पर क्या पड़ेगा प्रभाव
- फोन में एक्टिव सिम न होने पर WhatsApp और Telegram काम नहीं करेंगे
- सिम निकालकर दूसरे फोन में लगाने पर अकाउंट अस्थायी रूप से बंद हो सकता है
- दोबारा इस्तेमाल के लिए उसी फोन में सिम डालकर लॉगिन प्रक्रिया पूरी करनी होगी
सरकार का कहना है कि यह कदम आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, ताकि साइबर अपराधियों और डिजिटल ठगी के मामलों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
