Rampur Milk: AM Builders Firm Under Scrutiny for Allegedly Using Fake Documents to Secure ₹25 Crore Tender
रामपुर मिलक रेलवे क्रॉसिंग पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज के 25 करोड़ के टेंडर को फर्जी दस्तावेज का प्रयोग कर हासिल करने के आरोप में एएम बिल्डर्स फर्म घिर गई है। मीरगंज क्षेत्र के विधायक की शिकायत पर मंडलायुक्त ने मामले की जांच कराई थी। जांच में गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर गृह विभाग के सचिव ने एसपी को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद एसपी ने एएसपी अनुराग सिंह को मामले की जांच सौंपी है।
मिलक क्षेत्र में पटवाई मार्ग के मध्य मंडी समिति के सामने रेल ट्रैक पर ओवरब्रिज निर्माण के लिए 2023 में राज्य सेतु निगम ने 25 करोड़ का टेंडर जारी किया था। शर्त के अनुसार, अनुमानित बजट के तिहाई हिस्से का काम करने वाला अनुभव रखने वाली फर्म को ही टेंडर में भाग लेना था। इसके बावजूद लगभग आठ करोड़ या उससे अधिक के अनुभव के आधार पर टेंडर एएम बिल्डर्स फर्म के पक्ष में जारी कर दिया गया।
फर्म के प्रोपराइटर जावेद अली खान ने अनुभव के नाम पर 574.09 लाख रुपये का दावा किया था। मीरगंज के विधायक डीसी वर्मा ने इस गड़बड़ी की शिकायत मंडलायुक्त मुरादाबाद को की। इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
मिलक निवासी खेमेंद्र गंगवार ने गृह सचिव को शिकायती पत्र देते हुए फर्म पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर ठेका हासिल करने का आरोप लगाया और आरोपित फर्म के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। एसपी विद्या सागर मिश्र ने बताया कि प्रकरण की जांच एएसपी अनुराग सिंह को सौंपी गई है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राज्य सेतु निगम के तत्कालीन उप परियोजना प्रबंधक अरुण गुप्ता ने बताया कि उन्होंने एक वर्ष पूर्व जांच की थी और उसी के अनुसार रिपोर्ट लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता को सौंप दी गई थी।
