Noida Engineer Death Case: Authority Dissolves NTC and Public Health Department After Major Action
नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा सेक्टर-150 में निर्माणाधीन इमारत के पास गहरे गड्ढे में डूबकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में नोएडा प्राधिकरण ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। 16 जनवरी की रात हुए इस हादसे के बाद प्राधिकरण ने नोएडा ट्रैफिक सेल (NTC) और जनस्वास्थ्य विभाग को भंग कर दिया है।
गड्ढे में डूबने से हुई थी मौत
जानकारी के अनुसार, मॉल के बेसमेंट निर्माण के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में पानी भर गया था, जिसमें गिरने से युवराज मेहता की मौत हो गई थी। घटना के बाद सुरक्षा इंतजामों और विभागीय लापरवाही को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। जांच के दौरान सामने आया कि संबंधित विभागों ने समय रहते आवश्यक सुरक्षा उपाय नहीं किए थे।
अधिकारियों पर कार्रवाई, जांच शुरू
मामले में नोएडा प्राधिकरण के ट्रैफिक सेल और वर्क सर्किल-6 के प्रभारी विश्वास त्यागी पर कर्तव्य पालन में लापरवाही के आरोप लगे हैं। उन्हें पद से हटाकर कार्मिक विभाग से अटैच कर दिया गया है और विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
एसआईटी रिपोर्ट अब भी लंबित
युवराज मेहता की मौत की जांच के लिए शासन स्तर पर विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई थी। एडीजी मेरठ जोन भानु भास्कर की अगुवाई में बनी चार सदस्यीय टीम ने जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को सौंप दी है, लेकिन अब तक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। इसी बीच प्राधिकरण ने सिविल और जनस्वास्थ्य विभाग के दो अधिकारियों का तबादला भी कर दिया है।
सीएम के निर्देश के बाद तेज हुई कार्रवाई
मामले ने तूल पकड़ने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना का संज्ञान लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद नए सीईओ ने एनटीसी और जनस्वास्थ्य विभाग को भंग कर उनकी जिम्मेदारियां वर्क सर्किल अधिकारियों को सौंप दीं।
वर्क सर्किल में बड़ा फेरबदल
हादसे के बाद नोएडा प्राधिकरण ने शहर के खुले गड्ढों और नालों की समीक्षा शुरू की। लगभग सभी वर्क सर्किल प्रभारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है। घटना स्थल पर बैरिकेडिंग, स्ट्रीट लाइट और अन्य सुरक्षा सुधार कार्य भी कराए गए हैं। अधिकारियों से शहरभर के जोखिम वाले स्थानों की रिपोर्ट मांगी गई है और सुधार कार्य तेज कर दिए गए हैं।
यह मामला शहरी सुरक्षा और निर्माण स्थलों पर निगरानी व्यवस्था को लेकर प्रशासन की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
