A leopard snatched a young child playing in the courtyard
बहराइच। से दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है जहां एक बार फिर जंगल से सटे इलाके में वन्यजीवों की दहशत ने एक मासूम की जान ले ली।घर के आंगन में खेल रही छह साल की बच्ची पर तेंदुए ने हमला कर दिया और कुछ ही मिनटों में खुशियों से भरा घर मातम में बदल गया।
यह तस्वीरें हैं बहराइच जनपद के सुजौली थाना क्षेत्र की कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग की कतर्निया रेंज के मोहकम पुरवा गांव की जहां राजू गौतम की छह वर्षीय बेटी सहजल अपने घर के आंगन में खेल रही थी। इसी दौरान खेत की ओर से निकले एक तेंदुए ने अचानक घात लगाकर बच्ची पर हमला कर दिया और उसे जबड़े में दबाकर गन्ने और गेहूं के खेतों की ओर भागने लगा।
बच्ची की चीख-पुकार सुनकर परिजन और ग्रामीण तेंदुए के पीछे दौड़े शोरगुल और भीड़ को अपनी ओर आते देख तेंदुए ने बच्ची को घर से करीब 40 मीटर दूर खेत के पास छोड़ दिया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी तेंदुए के हमले में मासूम सहजल गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी। परिजन आनन-फानन में बच्ची को इलाज के लिए निजी चिकित्सक के पास ले गए जहां हालत नाजुक देखते हुए उसे सुजौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर किया गया लेकिन पीएचसी पहुंचने पर मौजूद डॉक्टर आरपी सिंह ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है
रिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और ग्रामीणों में वन विभाग को लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से बड़खड़िया बीट और आसपास के इलाकों में तेंदुए की लगातार चहलकदमी और हमले हो रहे थे लेकिन वन विभाग ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि घटना के बाद 108 एंबुलेंस को कई बार कॉल किया गया लेकिन फोन नहीं लग सका जिसकी वजह से समय पर मदद नहीं मिल पाई।
आपको बता दें बीते दो हफ्तों में सुजौली थाना क्षेत्र में तेंदुए के हमलों में करीब तीन मासूम बच्चों की जान जा चुकी है इसके बावजूद न तो तेंदुए को पकड़ने की ठोस कार्रवाई और न ही ग्रामीणों की सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम नजर आ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है क्या वन विभाग किसी और मासूम की कुर्बानी का इंतज़ार कर रहा है? और कब तक ग्रामीण तेंदुए के साए में जीने को मजबूर रहेंगे?
