सीतापुर (उत्तर प्रदेश): सीतापुर जिले के रामपुर मथुरा थाना क्षेत्र में जच्चा-बच्चा की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोगों ने पर्वतपुर चौराहे पर शव रखकर प्रदर्शन किया, जिससे इलाके में भीषण जाम लग गया और आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया।
जानकारी के अनुसार, बसावनपुर निवासी सावित्री, पत्नी अशोक कुमार, को 3 सितंबर को प्रसव के लिए पर्वतपुर चौराहे स्थित एक मेडिकल स्टोर पर ले जाया गया था। परिजनों का आरोप है कि मेडिकल स्टोर के पीछे बने एक कमरे में ही प्रसव और इलाज किया जा रहा था।
परिजनों के मुताबिक, प्रसव के दौरान गर्भ में ही शिशु की मौत हो गई। आरोप है कि इसके बावजूद महिला का इलाज वहीं जारी रखा गया। जब सावित्री की तबीयत अधिक बिगड़ गई तो उन्हें महमूदाबाद ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए लखनऊ रेफर कर दिया। परिजनों का कहना है कि लखनऊ ले जाते समय रास्ते में ही सावित्री ने भी दम तोड़ दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन पर्वतपुर चौराहे पर एकत्र हो गए। उन्होंने शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया और मेडिकल स्टोर संचालक व इलाज से जुड़े लोगों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच तथा सख्त कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के कारण चौराहे पर लंबा जाम लग गया। सूचना मिलते ही पुलिस बल और संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा प्रदर्शनकारियों को समझाने और यातायात सामान्य कराने का प्रयास शुरू किया।
इस दर्दनाक घटना के बाद सावित्री की पांच वर्षीय अंजलि और तीन वर्षीय मुस्कान अपनी मां के साये से वंचित हो गई हैं। परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्टर: नन्द किशोर नाग
स्थान: सीतापुर, उत्तर प्रदेश
